भारत सरकार ने ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच आम आदमी और तेल कंपनियों को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्रालय के आदेश के बाद पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कमी कर दी गई है। यह नया नियम 27 मार्च 2026 से पूरे देश में लागू हो गया है। सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना करीब 1.55 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।

भारत में टैक्स कटौती से जुड़ी जरूरी बातें

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में जो बदलाव किए हैं, उसका विवरण इस प्रकार है:

  • पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दी गई है।
  • डीजल पर लगने वाली ₹10 की एक्साइज ड्यूटी को अब शून्य कर दिया गया है।
  • यह कटौती HPCL, BPCL और IOC जैसी सरकारी तेल कंपनियों को वित्तीय मजबूती देने के लिए की गई है।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि तेल कंपनियां इस कटौती का इस्तेमाल अपने घाटे को कम करने में कर सकती हैं।
  • इस वजह से पेट्रोल पंपों पर आम ग्राहकों के लिए कीमतें तुरंत कम होने की संभावना फिलहाल कम है।

आयरलैंड में भी सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि आयरलैंड सरकार ने भी अपने नागरिकों को राहत देने के लिए टैक्स कम करने का फैसला लिया है। वहां की सरकार ने डीजल पर 20 सेंट और पेट्रोल पर 15 सेंट की कटौती की मंजूरी दी है। अगर NORA लेवी को भी जोड़ लिया जाए तो डीजल कुल 22 सेंट और पेट्रोल 17 सेंट प्रति लीटर तक सस्ता हुआ है। आयरलैंड में यह व्यवस्था फिलहाल मई महीने के अंत तक के लिए लागू की गई है। वहां के अधिकारियों का मानना है कि इससे माल ढुलाई और बस संचालकों को बड़ी मदद मिलेगी।