प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 और 20 मई 2026 को इटली की आधिकारिक यात्रा की। इस दौरे के दौरान भारत और इटली ने अपने आपसी रिश्तों को और मजबूत करते हुए इसे ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ में बदल दिया है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और टेक्नोलॉजी जैसे कई अहम क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं।
डिफेंस और व्यापार में क्या हुए बड़े बदलाव?
भारत और इटली ने रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत अब दोनों देश मिलकर डिफेंस उपकरण डिजाइन करेंगे और उनका उत्पादन भी करेंगे। इसमें मुख्य रूप से एयरोस्पेस सिस्टम और नेवल प्लेटफॉर्म जैसे आधुनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी पर काम होगा। व्यापार की बात करें तो दोनों देशों ने 2029 तक आपसी व्यापार को 20 बिलियन यूरो तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
नौकरियों और नई तकनीक पर क्या हुआ फैसला?
आम लोगों और प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ी खबर यह है कि भारत से नर्सों की भर्ती के लिए एक समझौता हुआ है। इसके अलावा, दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर मिलकर काम करेंगे और भारत में एक इनोवेशन सेंटर भी बनाया जाएगा। समुद्री परिवहन और बंदरगाहों के लिए भी MoU साइन किए गए हैं, जिसमें गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के विकास में इटली सहयोग करेगा।
पीएम मोदी को मिला सम्मान और सांस्कृतिक योजना
रोम में पीएम मोदी को FAO एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत द्वारा कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में किए गए कामों के लिए दिया गया है। साथ ही, सांस्कृतिक रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए साल 2027 को ‘भारत और इटली के बीच संस्कृति और पर्यटन का वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। दोनों देशों ने इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) प्रोजेक्ट पर भी अपनी सहमति दोहराई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और इटली के बीच व्यापार का लक्ष्य क्या रखा गया है?
दोनों देशों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का लाभ उठाते हुए 2029 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन यूरो तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
पीएम मोदी को इटली में कौन सा पुरस्कार मिला?
प्रधानमंत्री मोदी को रोम में FAO एग्रीकोला मेडल से नवाजा गया, जो कृषि और ग्रामीण विकास में भारत के योगदान की पहचान है।
