भारत और इटली अब हाथ मिलाकर दुनिया के लिए सामान डिजाइन और तैयार करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 20 मई 2026 को एक नए ग्लोबल मॉडल की बात की, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्ते और मजबूत होंगे। इस साझेदारी का मुख्य मकसद joint innovation और प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है ताकि दोनों देश मिलकर वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ बना सकें।
भारत और इटली के बीच क्या खास समझौता हुआ है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने संबंधों को Special Strategic Partnership के स्तर पर पहुँचाया है। दोनों देश अब ‘इंडिया-इटली जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029’ के तहत काम करेंगे। यह प्लान आने वाले सालों के लिए एक व्यावहारिक ढांचा तैयार करता है। वर्तमान में 800 से ज्यादा इटालियन कंपनियां भारत में काम कर रही हैं और दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| व्यापार का लक्ष्य | 20 अरब यूरो |
| लक्ष्य की समय सीमा | वर्ष 2029 तक |
| भारत में इटालियन कंपनियां | 800 से अधिक |
| साझेदारी का ढांचा | Joint Strategic Action Plan 2025-2029 |
किन सेक्टरों में बढ़ेगी साझेदारी और क्या है नया विजन?
दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। इसमें डिफेंस, एयरोस्पेस, क्लीन टेक्नोलॉजी, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स और फिनटेक जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा फैशन, लेदर, टूरिज्म और एग्री-फूड सेक्टर पर भी ध्यान दिया जाएगा।
- IMEC कॉरिडोर: इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर पर चर्चा हुई, जो भारत को अरब खाड़ी के जरिए यूरोप से जोड़ेगा।
- इंडो-मेडिटेरेनियन विजन: भारत के इंडो-पैसिफिक हितों को इटली और यूरोप के मेडिटेरेनियन हितों के साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
- AI डेवलपमेंट: दोनों देश जिम्मेदार और इंसानियत पर केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IMEC कॉरिडोर क्या है और इसका क्या फायदा होगा
IMEC का मतलब India-Middle East-Europe Economic Corridor है। यह भारत को अरब खाड़ी के रास्ते यूरोप से जोड़ेगा, जिससे व्यापार और सामान की आवाजाही आसान और तेज़ होगी।
भारत और इटली के व्यापार का लक्ष्य क्या है
दोनों देशों ने आपसी सहमति से यह लक्ष्य रखा है कि साल 2029 तक उनके बीच का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब यूरो तक पहुँच जाए।
