भारत और जापान ने अपनी रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री साल 2026 के अंत तक टोक्यो में चौथी 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक करेंगे. यह महत्वपूर्ण फैसला जापानी प्रधानमंत्री Sanae Takaichi की भारत यात्रा के दौरान लिया गया.

जापानी प्रधानमंत्री Sanae Takaichi 1 से 3 जुलाई 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर थीं. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन में मुलाकात की. 2 जुलाई 2026 को हुई द्विपक्षीय बातचीत के बाद इस बैठक की घोषणा की गई. विदेश सचिव Vikram Misri ने एक विशेष ब्रीफिंग में इस समझौते की पुष्टि की है.

दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. इसमें मुख्य रूप से डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और डिफेंस टेक्नोलॉजी पर जोर दिया गया है. इस समझौते के तहत डिफेंस टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर पर भी बात हुई है, जिसमें UNICORN (Unified Complex Radio Antenna) सिस्टम शामिल है. यह कदम ‘Make in India’ पहल के लिए काफी अहम माना जा रहा है.

रक्षा के अलावा, दोनों नेता आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर भी एक घोषणा पत्र जारी करने वाले हैं. इसमें निम्नलिखित क्षेत्रों में मिलकर काम किया जाएगा:

  • सप्लाई चेन को मजबूत बनाना
  • एडवांस टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर
  • क्लीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
  • सुरक्षित ट्रेड नेटवर्क

इसके साथ ही, प्रधानमंत्री Takaichi ने International Energy Agency (IEA) की सदस्यता के लिए भारत का समर्थन किया है. दोनों नेताओं ने ऐसी तकनीक विकसित करने की बात कही है जिससे क्षेत्रीय शांति और समुद्री सुरक्षा बनी रहे.