India News: भारत ने केन्या को डिजिटल संसद बनाने में मदद का दिया प्रस्ताव, नई दिल्ली में हुई खास मुलाकात.

भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति C. P. Radhakrishnan ने नई दिल्ली में केन्या से आए एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ खास बैठक की। यह मुलाकात गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करने पर लंबी चर्चा की गई। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई केन्या की नेशनल असेंबली के स्पीकर Dr. Moses M. Wetang'ula कर रहे थे। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और केन्या की साझेदारी लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में इसे हर क्षेत्र में और ज्यादा बढ़ाया जाएगा।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस बैठक में भारत की तरफ से केन्या को डिजिटल समाधान के क्षेत्र में अपनी महारत साझा करने का बड़ा प्रस्ताव दिया गया। भारत चाहता है कि केन्याई संसद पूरी तरह से पेपरलेस हो जाए और इसके लिए भारत हरसंभव तकनीकी मदद देने को तैयार है। बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे विकास कार्यों पर भी खुलकर बातचीत हुई। इसमें खास तौर पर नैरोबी यूनिवर्सिटी में महात्मा गांधी ग्रेजुएट लाइब्रेरी के निर्माण और मटोंगवे में केन्याई नौसेना बेस पर सीटी स्कैन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए भारत की तरफ से मिल रहे सहयोग का जिक्र किया गया.
क्षमता निर्माण और कूटनीतिक सहयोग पर विशेष जोर
तकनीकी मदद के अलावा दोनों पक्षों ने आपसी क्षमता निर्माण के कामों पर भी विस्तार से चर्चा की। बैठक में इस बात पर खुशी जताई गई कि केन्याई छात्रों के लिए ICCR छात्रवृत्तियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और भारत में केन्याई राजनयिकों को लगातार ट्रेनिंग दी जा रही है। उपराष्ट्रपति Radhakrishnan ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 2028-29 कार्यकाल के लिए एक गैर-स्थाई सीट के वास्ते भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए केन्या का दिल से शुक्रिया अदा किया। इसके साथ ही उन्होंने औपचारिक रूप से यह भी अनुरोध किया कि केन्या सुरक्षा परिषद में भारत को स्थाई सदस्यता दिलाने के लिए अपना पूरा समर्थन दे.
इस उच्च स्तरीय बैठक में भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार किया गया, जिसमें इंटरनेशनल सोलर अलाउन्स और इंटरनेशनल बिग कैट अलाउंस के जरिए मिलकर काम करने की बात शामिल थी। इसके अलावा बहुत जल्द केन्या की नेशनल असेंबली के अंदर महात्मा गांधी की एक प्रतिमा स्थापित करने की भी योजना है। इस पूरी जानकारी के बारे में आप विस्तार से PIB Official Press Release पर जाकर पढ़ सकते हैं, जहां सरकार की तरफ से इन सभी बैठकों और समझौतों का पूरा विवरण साझा किया गया है।