कुवैत में भारत की राजदूत महामहिम पारमिता त्रिपाठी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हामद अल-मुबारक अल-सबाह को उनके कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के लिए बधाई दी है। भारत और कुवैत के बीच द्विपक्षीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कुवैत के क्राउन प्रिंस से फोन पर बातचीत की थी, जिसमें दोनों देशों के बीच सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और कुवैत में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर विशेष चर्चा हुई।

भारत और कुवैत के बीच क्यों मजबूत हो रहे हैं संबंध?

भारत और कुवैत के रिश्ते दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुवैत यात्रा के बाद रणनीतिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़े हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। इसके साथ ही, कुवैत दिसंबर 2024 में भारत के नेतृत्व वाले अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में भी शामिल हुआ था। भारतीय राजदूत पारमिता त्रिपाठी ने हाल ही में कुवैत के अमीरी दीवान मामलों के मंत्री शेख हमद जाबेर अल-अली अल-सबाह के साथ भी बैठक की थी, जिसमें इन रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई थी।

10 लाख से ज्यादा भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर क्या हुई बातचीत?

कुवैत में रहने वाले लगभग 10.5 लाख भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और कल्याण भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत के दौरान क्राउन प्रिंस को भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए कुवैत के निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। इसके अलावा, हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में उभरती सुरक्षा स्थितियों के बीच भारतीय दूतावास ने प्रवासियों की सहायता के लिए 24/7 हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं भी शुरू की हैं। भारत ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमलों की निंदा की है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने पर बल दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में कितने भारतीय प्रवासी रहते हैं और उनकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम हैं?

कुवैत में लगभग 10.5 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए भारतीय दूतावास कुवैत सरकार के साथ निरंतर समन्वय में काम करता है और किसी भी संकट के समय सहायता के लिए 24/7 हेल्पलाइन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

भारत और कुवैत के बीच रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत कब हुई थी?

भारत और कुवैत के बीच संबंधों को दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुवैत यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर उन्नत किया गया था, जिसके बाद से दोनों देशों में सहयोग के नए रास्ते खुले हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.