भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 8 से 10 जुलाई 2026 तक कुवैत के आधिकारिक दौरे पर रहे। इस दौरे का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना था। भारत ने इस मौके पर कुवैत के प्रति अपने अटूट समर्थन को दोहराया और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने में मदद करने का भरोसा दिया।
दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कुवैत के बड़े नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-हमाद अल-मुबारक अल-सबाह और प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह से बातचीत की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली और विदेश मंत्री शेख जराह जाबेर से भी चर्चा की।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन मुलाकातों में भारत और कुवैत की रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई। बातचीत के दौरान खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के असर, ऊर्जा, व्यापार, निवेश, डिफेंस, टेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों पर विचार साझा किए गए।
कुवैत में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने इस दौरे को एकजुटता का प्रतीक बताया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच खाद्य सुरक्षा (food security), सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर विशेष बातचीत हुई। इसी कड़ी में भारत ने कुवैत को विशेष फायरफाइटिंग फोम सामग्री उपलब्ध कराई है।
विदेश मंत्री ने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने वहां रह रहे भारतीयों द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और कहा कि यह समुदाय दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और भी उच्च स्तरीय मुलाकातें होने की उम्मीद है।
