भारत ने अपने समुद्री व्यापार को सुरक्षित करने के लिए ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ (BMIP) की शुरुआत की है। यह कदम वैश्विक तनाव और मिडिल ईस्ट की स्थितियों को देखते हुए उठाया गया है। अब भारतीय जहाजों को बीमा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा जिससे व्यापार में रुकावट नहीं आएगी।
BMIP क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया?
वित्तीय सेवा सचिव M Nagaraju ने 13 मई 2026 को इस पूल का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि अब तक भारत का समुद्री व्यापार काफी हद तक विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भर था। इस निर्भरता को खत्म करने और भारतीय व्यापार को भरोसा देने के लिए BMIP बनाया गया है। इसका मुख्य मकसद मुनाफा कमाना नहीं बल्कि भारतीय जहाजों को सुरक्षा देना है।
बीमा की क्षमता और किन जहाजों को मिलेगा लाभ?
यह नया पूल उन सभी जहाजों को कवर करेगा जो भारत आ रहे हैं या भारत से दुनिया के किसी भी हिस्से में जा रहे हैं। इसमें पश्चिम एशिया (West Asia) जाने वाले जहाज भी शामिल हैं। सरकार ने इस सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए भारी निवेश और गारंटी दी है ताकि वैश्विक तनाव के बीच भी माल की आवाजाही न रुके।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लॉन्च की तारीख | 13 मई 2026 |
| पूल का नाम | Bharat Maritime Insurance Pool (BMIP) |
| कुल क्षमता | 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर |
| सरकारी गारंटी | 1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर |
| कवरेज क्षेत्र | दुनिया भर के जहाज (भारत से आने-जाने वाले) |
| खास फोकस क्षेत्र | पश्चिम एशिया और मिडिल ईस्ट |
| मुख्य अधिकारी | M Nagaraju (वित्तीय सेवा सचिव) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत ने BMIP क्यों शुरू किया?
भारत ने इसे इसलिए शुरू किया ताकि समुद्री व्यापार के लिए विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भरता कम हो और मिडिल ईस्ट जैसे तनावपूर्ण क्षेत्रों में भी व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
इस इंश्योरेंस पूल की कुल क्षमता कितनी है?
भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल की कुल क्षमता 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर है और सरकार ने इसके लिए 1.4 बिलियन डॉलर की गारंटी दी है।
