भारत सरकार ने 30 जून 2026 से इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (e-OCI) कार्ड की आधिकारिक शुरुआत की है। गृह मंत्रालय की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य प्रवासी भारतीयों के लिए ओसीआई सेवाओं को डिजिटल बनाना और कागजी कार्रवाई को आसान करना है। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने भी 12 जुलाई 2026 को इस संबंध में जानकारी साझा की है।

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अब नहीं ढोना होगा फिजिकल कार्ड

इस नई सुविधा के बाद कार्ड धारकों को इमीग्रेशन चेक के दौरान या अन्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए फिजिकल ओसीआई कार्ड अपने पास रखने की जरूरत नहीं होगी। e-OCI कार्ड को बेहद सुरक्षित बनाया गया है और इसे सभी इमीग्रेशन चेक पोस्ट (ICP) के साथ जोड़ा गया है। आप इसे ociservices.gov.in पोर्टल या Indian Visa Su-Swagatam मोबाइल ऐप के जरिए दिन में 5 बार मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

नियमों में हुआ अहम बदलाव

नए आवेदकों को अब केवल डिजिटल e-OCI कार्ड ही जारी किए जाएंगे, हालांकि पहले से बने ओसीआई बुकलेट भी मान्य रहेंगे। नागरिकता संशोधन नियम 2026 के तहत, अब 20 साल की उम्र के बाद नया पासपोर्ट लेने पर ओसीआई बुकलेट को दोबारा बनवाने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय, अब सिर्फ ऑनलाइन पासपोर्ट अपडेट करना ही काफी होगा। इसके साथ ही, ओसीआई आवेदक अब फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन प्रोग्राम (FTI-TTP) के लिए भी सहमति दे सकते हैं। सरकार की योजना दिसंबर 2026 तक भारतीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर फेशियल रिकग्निशन आधारित टचलेस एंट्री-एग्जिट सुविधा शुरू करने की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.