भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक बहुत बड़ी जीत हासिल की है। बेंगलुरु की एक कंपनी GalaxEye ने दुनिया का पहला OptoSAR सैटेलाइट ‘Drishti’ लॉन्च किया है। इसे अमेरिका के कैलिफोर्निया से SpaceX के Falcon-9 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कामयाबी पर खुशी जताते हुए इसे देश के युवाओं के जुनून और इनोवेशन की जीत बताया है।
Drishti सैटेलाइट क्या है और इसकी खासियतें क्या हैं?
Drishti सैटेलाइट भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट सैटेलाइट है जिसका वजन 190 किलो है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें Electro-Optical (EO) और Synthetic Aperture Radar (SAR) दोनों सेंसर एक साथ लगे हैं। इसका मतलब है कि यह सैटेलाइट दिन हो या रात, और चाहे आसमान में बादल, धुआं या बारिश हो, हर हाल में साफ तस्वीरें ले सकता है।
- तस्वीरों की क्वालिटी: यह 1.2 से 3.6 मीटर के रिज़ॉल्यूशन वाली तस्वीरें देता है।
- निगरानी: यह हर चार दिन में एक ही जगह की दोबारा तस्वीर ले सकता है।
- उम्र: इस सैटेलाइट को 4 से 5 साल तक काम करने के लिए बनाया गया है।
- AI टेक्नोलॉजी: इसमें NVIDIA Jetson Orin कंप्यूटर लगा है, जो अंतरिक्ष में ही डेटा को प्रोसेस कर देता है जिससे जानकारी जल्दी मिलती है।
यह सैटेलाइट देश के किन कामों में मदद करेगा?
यह एक ‘डुअल-यूज़’ सैटेलाइट है, यानी इसका इस्तेमाल सरकारी और रक्षा दोनों कामों के लिए होगा। इसका मुख्य मकसद ज़मीन और समुद्र की सटीक निगरानी करना है।
- सुरक्षा और डिफेंस: सीमाओं की निगरानी और सैन्य कामों में मदद मिलेगी।
- खेती और आपदा: खेती की स्थिति जानने और बाढ़ या भूकंप जैसी आपदाओं के समय सही जानकारी जुटाने में काम आएगा।
- समुद्री निगरानी: समुद्र में जहाजों और गतिविधियों पर नज़र रखने में मदद होगी।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर: सड़क और पुल जैसे निर्माण कार्यों की प्लानिंग में इसका इस्तेमाल होगा।
मिशन Drishti का भविष्य और ISRO के साथ तालमेल
GalaxEye कंपनी ने यह साफ किया है कि अभी उनका पूरा ध्यान सैटेलाइट को सही तरीके से चालू करने पर है। कंपनी की योजना है कि साल 2030 तक ऐसे 10 सैटेलाइट्स का एक समूह (Constellation) तैयार किया जाए। यह मिशन ISRO के उन 29 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स की मदद करेगा जो पहले से ही काम कर रहे हैं, जिससे भारत की अंतरिक्ष क्षमता और बढ़ेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
OptoSAR सैटेलाइट आम सैटेलाइट से अलग कैसे है?
आम सैटेलाइट्स या तो केवल रोशनी (Optical) से फोटो लेते हैं या रडार (SAR) से। OptoSAR में दोनों तकनीकें एक साथ हैं, जिससे बादल या अंधेरे में भी साफ तस्वीरें मिलती हैं।
इस सैटेलाइट को किसने बनाया और कहाँ से लॉन्च किया गया?
इसे बेंगलुरु की प्राइवेट कंपनी GalaxEye ने बनाया है और इसे अमेरिका के वेंडनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से SpaceX के Falcon-9 रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया।