पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अहम जानकारी साझा की है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को साफ किया कि देश में कच्चे तेल (Crude Oil) की कोई कमी नहीं है, जिससे पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य रहेगी। हालांकि, शिपिंग में आ रही दिक्कतों के कारण LPG गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर थोड़ी चिंता बनी हुई है।

सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे पैनिक बुकिंग न करें, क्योंकि देश भर के 25 हजार से ज्यादा गैस एजेंसियों पर सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों ने उत्पादन को 38 से 40 फीसदी तक बढ़ा दिया है।

LPG सिलेंडर के नए दाम और नियम

मार्च 2026 से गैस सिलेंडर के दामों और नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चल रहे विवाद का असर कीमतों पर पड़ा है। आम आदमी और PNG गैस इस्तेमाल करने वालों के लिए नए नियम जारी हुए हैं।

  • नए दाम: 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में अब यह 913 रुपये का मिल रहा है। कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) 114.50 रुपये महंगा होकर 1883 रुपये का हो गया है।
  • उज्ज्वला योजना: उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्हें पहले की तरह 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी।
  • PNG वालों के लिए नया नियम: जिनके घरों में पाइपलाइन वाली गैस (PNG) है, वे अब नया LPG कनेक्शन नहीं ले सकेंगे और न ही मौजूदा सिलेंडर की रिफिल बुकिंग कर पाएंगे।
  • बुकिंग का समय: गैस का सही वितरण सुनिश्चित करने के लिए अब शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन के अंतराल पर ही गैस सिलेंडर बुक किया जा सकेगा।

घबराने की जरूरत नहीं, सरकार ने उठाए सख्त कदम

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरी अपनी 100 फीसदी क्षमता से ज्यादा पर काम कर रही हैं। गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने अब तक 12 हजार से ज्यादा जगहों पर छापेमारी कर 15 हजार से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए हैं।

हाल ही में एक ही दिन में 70 लाख लोगों ने गैस सिलेंडर बुक कर दिए, जिसे सरकार ने पैनिक बुकिंग बताया है। सरकार ने साफ कहा है कि घरों की रसोई के लिए गैस की सप्लाई पहली प्राथमिकता है। गैर-जरूरी उद्योगों की सप्लाई में कटौती की गई है ताकि आम लोगों को दिक्कत न हो। इसके अलावा होटल और रेस्टोरेंट के लिए केरोसिन और कोयले का विकल्प दिया जा रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.