भारत में अब गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों और भागदौड़ का समय खत्म हो गया है। सरकार की सख्ती और सही सप्लाई की वजह से लोगों का भरोसा बढ़ा है और अब लगभग 98% लोग ऑनलाइन बुकिंग कर रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने बताया है कि अब सिलेंडर की कमी या डर जैसा माहौल नहीं रहा और लोग शांति से बुकिंग कर रहे हैं।
ℹ️: WHO ने UAE की डॉक्टर को दिया बड़ा सम्मान, डाउन सिंड्रोम रिसर्च के लिए मिला कुवैत अवॉर्ड।
कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने क्या कार्रवाई की?
सरकार ने गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए देशभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। मार्च 2026 से अब तक लाखों निरीक्षण किए गए हैं ताकि आम जनता को बिना किसी परेशानी के गैस मिल सके। इस कार्रवाई का पूरा ब्योरा नीचे दी गई टेबल में है:
| कार्रवाई का प्रकार | कुल संख्या/विवरण |
|---|---|
| कुल निरीक्षण और छापेमारी | 1.28 लाख से ज्यादा |
| जब्त किए गए सिलेंडर | 59,000 से अधिक |
| पेनल्टी लगाने वाली एजेंसी | 219 गैस डिस्ट्रीब्यूटरशिप |
| निलंबित (Suspend) किए गए डिस्ट्रीब्यूटर | 56 डिस्ट्रीब्यूटरशिप |
आम जनता और प्रवासी मजदूरों के लिए क्या नई सुविधाएं हैं?
सरकार ने उन लोगों का खास ख्याल रखा है जिन्हें छोटे सिलेंडर की जरूरत होती है। प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले Free Trade LPG (FTL) सिलेंडर पेश किए गए हैं। इसके अलावा, अब लोग पाइप वाली गैस (PNG) की तरफ भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
- 5 किलो सिलेंडर: मार्च के अंत से अब तक 13 लाख से ज्यादा छोटे सिलेंडर बांटे गए हैं।
- PNG कनेक्शन: मार्च 2026 से 4.24 लाख नए PNG कनेक्शन चालू हुए हैं।
- जागरूकता कैंप: लोगों को जानकारी देने के लिए करीब 3,300 कैंप लगाए गए हैं।
- कनेक्शन सरेंडर: PNG अपनाने के कारण 30,000 से ज्यादा लोगों ने अपने पुराने LPG कनेक्शन छोड़ दिए हैं।
गैस की सप्लाई और डिलीवरी की ताजा स्थिति क्या है?
देश में घरेलू गैस की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है और किसी भी जगह सिलेंडर खत्म होने की खबर नहीं है। 11 अप्रैल 2026 को ही देशभर में 52.3 लाख घरेलू सिलेंडर पहुंचाए गए। वहीं, कमर्शियल गैस की सप्लाई भी अब संकट से पहले के स्तर के 70% तक पहुंच गई है।
सप्लाई को और मजबूत करने के लिए 14 अप्रैल 2026 को Jag Vikram नाम का जहाज कांडला पोर्ट पहुंचा, जिसमें करीब 20,400 मीट्रिक टन LPG लाया गया है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के जरिए अब 92-93% डिलीवरी हो रही है, जिससे गैस की चोरी रुक गई है।
