ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी जहाज ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित रूप से नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPA) पहुंच गया है। यह जहाज करीब 15,400 टन एलपीजी लेकर आया है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद जरूरी है।

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‘ग्रीन आशा’ जहाज का सफर और उसकी खासियत क्या है?

‘ग्रीन आशा’ ने 5 अप्रैल 2026 को संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया। संघर्ष बढ़ने के बाद यह नौवां भारतीय एलपीजी जहाज है जिसने इस रास्ते को पार किया और युद्ध शुरू होने के बाद JNPA पर डॉक करने वाला यह पहला जहाज बना। JNPA ने पुष्टि की है कि जहाज, उसका माल और सभी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।

ईरान-अमेरिका युद्धविराम और होर्मुज स्ट्रेट की वर्तमान स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के लिए एक समझौता हुआ था, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी तौर पर खोला गया था। हालांकि, उसी दिन दोपहर को ईरान ने लेबनान पर इजरायली हमलों के जवाब में इसे फिर से बंद करने का ऐलान कर दिया। इस उथल-पुथल के बीच भारतीय जहाजों की निगरानी लगातार की जा रही है।

भारत सरकार और मंत्रालयों द्वारा की गई कार्रवाई

  • सप्लाई की स्थिति: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने बताया कि तनाव के बावजूद भारत में एलपीजी की सप्लाई स्थिर है और जहाज लगातार आ रहे हैं।
  • गैस आवंटन: सरकार ने उर्वरक संयंत्रों के लिए कुल गैस आवंटन में 5% की बढ़ोतरी की है।
  • निगरानी: डीजी शिपिंग के कंट्रोल रूम ने पिछले 24 घंटों में स्थिति जानने के लिए 166 कॉल और 317 ईमेल संभाले हैं।
  • समन्वय: पत्तन, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन फारस की खाड़ी में बन रही स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.