भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच अपने निर्यातकों और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े कदमों की घोषणा की है। सरकार ने 497 करोड़ रुपये के ‘RELIEF’ पैकेज का ऐलान किया है जिससे निर्यातकों को बीमा और माल ढुलाई में मदद मिलेगी। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि डिप्लोमैटिक बातचीत के जरिए Strait of Hormuz से भारतीय एलपीजी जहाजों को सुरक्षित निकालने का रास्ता साफ किया गया है।

RELIEF स्कीम से भारतीय निर्यातकों को क्या लाभ मिलेंगे?

कॉमर्स सेक्रेटरी Rajesh Agrawal ने ‘Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation’ (RELIEF) योजना की शुरुआत की है। इसका मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण बढ़े हुए शिपिंग खर्च और इंश्योरेंस प्रीमियम के बोझ को कम करना है। यह योजना एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ECGC) के माध्यम से लागू की जाएगी।

योजना के मुख्य भाग प्रदान की जाने वाली राहत
Component I (पुराने शिपमेंट) 1 मार्च से 31 मई 2026 के बीच के एक्सपोर्ट ऑब्लिगेशन को 31 अगस्त तक बिना पेनल्टी बढ़ाया गया है।
Component II (नए शिपमेंट) 16 मार्च से 15 जून 2026 के बीच होने वाले निर्यात पर 95% तक का बढ़ा हुआ इंश्योरेंस कवर मिलेगा।
Component III (MSME सपोर्ट) MSME निर्यातकों को एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी फ्रेट और इंश्योरेंस खर्च का 50% रिफंड मिलेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों की वर्तमान स्थिति क्या है?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि ईरान के साथ सीधी बातचीत के बाद दो भारतीय एलपीजी टैंकर, Shivalik और Nanda Devi, सुरक्षित रूप से भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच गए हैं। हालांकि अभी भी करीब 3 लाख टन एलपीजी के साथ छह भारतीय जहाज वहां फंसे हुए हैं। भारतीय नौसेना ने ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत ओमान की खाड़ी में युद्धपोतों की तैनाती बढ़ा दी है ताकि सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जा सके।

  • 611 भारतीय नाविक जो 22 अलग-अलग जहाजों पर तैनात हैं वे पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।
  • भारत अब अपनी एलपीजी जरूरतों के लिए रूस जैसे अन्य देशों से भी आपूर्ति के विकल्प तलाश रहा है।
  • हर जहाज के सुरक्षित मार्ग के लिए अलग से कूटनीतिक बातचीत की जा रही है क्योंकि कोई सामान्य समझौता नहीं हुआ है।
  • वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार शिपिंग में आने वाली बाधाओं से निर्यातकों में चिंता का माहौल है जिसे दूर करने की कोशिश की जा रही है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com