भारत सरकार ने जानकारी दी है कि दो भारतीय LPG टैंकर, BW Tyr और BW Elm, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित तरीके से निकल गए हैं। इन जहाजों में कुल 94,000 मीट्रिक टन कुकिंग गैस लदी है, जो भारत की घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस सफल ट्रांजिट की पुष्टि कर दी है। यह जहाज अब अपने निर्धारित भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।

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जहाजों के नाम और भारत पहुंचने का पूरा शेड्यूल क्या है?

दोनों जहाजों ने शनिवार, 28 मार्च 2026 को इस संवेदनशील समुद्री रास्ते से गुजरना शुरू किया था। इनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है। जहाजों के पहुंचने का विवरण नीचे दिया गया है:

जहाज का नाम पहुंचने का स्थान संभावित तारीख कंपनी का नाम
BW Tyr मुंबई 31 मार्च 2026 Bharat Petroleum Corporation Limited
BW Elm न्यू मंगलौर 1 अप्रैल 2026 Hindustan Petroleum Corporation Limited

इन जहाजों में मौजूद गैस की मात्रा भारत की लगभग एक दिन की पूरी कुकिंग गैस सप्लाई के बराबर है। BW Tyr और BW Elm के अलावा पहले भी चार अन्य भारतीय जहाज इस रास्ते से सुरक्षित निकल चुके हैं।

समुद्री सुरक्षा और निगरानी को लेकर सरकार के क्या इंतजाम हैं?

शिपिंग महानिदेशालय (DG Shipping) का कंट्रोल रूम इस समय 24 घंटे काम कर रहा है। वह खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाजों की स्थिति पर नजर रख रहा है। पिछले 24 घंटों में कंट्रोल रूम ने 92 फोन कॉल और 120 ईमेल के जरिए जहाजों और नाविकों से संपर्क साधा है।

  • ईरान का रुख: ईरानी अधिकारियों ने उन जहाजों को रास्ता देने की बात कही है जो नियमों के तहत समन्वय बनाकर चलते हैं।
  • नाविकों की सुरक्षा: पिछले 24 घंटों में चार भारतीय नाविकों की सुरक्षित घर वापसी में मदद की गई है।
  • वर्तमान स्थिति: अभी भी खाड़ी क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में 18 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिनमें 485 भारतीय नाविक तैनात हैं।
  • निगरानी: मंत्रालय लगातार जहाजों की सुरक्षा को लेकर संबंधित विभागों के साथ संपर्क में है।