भारत और मॉरीशस के बीच आपसी रिश्तों को नया मोड़ देने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपनी मॉरीशस यात्रा के दौरान घोषणा की कि भारत जल्द ही वहां अपना एक ‘डिफेंस अताशे’ नियुक्त करने जा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण मॉरीशस में ऊर्जा संकट का खतरा बना हुआ है, जिसे देखते हुए भारत अब वहां तेल और गैस की सीधी सप्लाई करने के लिए सरकारी समझौते को अंतिम रूप दे रहा है।

तेल और गैस की सप्लाई के लिए क्या है बड़ी खबर?

विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि भारत और मॉरीशस के बीच तेल और गैस की सप्लाई को लेकर सरकारी स्तर पर समझौता यानी जी-टू-जी एग्रीमेंट अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 9 अप्रैल 2026 को हुई बातचीत के बाद यह साफ हो गया है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन अब मॉरीशस को लंबे समय तक ईंधन की सप्लाई करेगा। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भारत के इस सहयोग के प्रति आभार जताया है। इस समझौते से मॉरीशस की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ी राहत मिलेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में हुए ये अन्य बड़े समझौते

  • भारत जल्द ही मॉरीशस में एक डिफेंस अताशे तैनात करेगा ताकि दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और बेहतर बनाया जा सके।
  • भारत के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और मॉरीशस के उच्च शिक्षा आयोग के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के लिए नए समझौते हुए हैं।
  • नवीकरणीय ऊर्जा और सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ टिकाऊ परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसों की सप्लाई पर भी बात हुई है।
  • प्रशासनिक सुधारों के लिए भारत का ‘iGOT कर्मयोगी’ डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू करने वाला मॉरीशस पहला देश बनेगा।
  • विदेश मंत्री जयशंकर ने 9-10 अप्रैल 2026 को अपनी यात्रा के दौरान 9वें हिंद महासागर सम्मेलन में हिस्सा लिया और मॉरीशस के नेतृत्व के साथ चर्चा की।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.