भारत अपनी मिसाइलों की ताकत और रणनीति में बड़ा बदलाव कर सकता है. रक्षा सचिव Rajesh Kumar Singh ने संकेत दिया है कि दुनिया में चल रहे झगड़ों, खासकर वेस्ट एशिया और पाकिस्तान की हरकतों को देखते हुए अब अपनी तैयारी बदलनी होगी. भारत अब केवल रणनीतिक इस्तेमाल के बजाय पारंपरिक मिसाइल फोर्स पर भी जोर देगा.

भारत अपनी मिसाइल रणनीति में क्या बदलाव करेगा?

रक्षा सचिव ने ANI National Security Summit 2.0 में बताया कि अब मिसाइलों का इस्तेमाल सिर्फ बड़े हमलों के लिए नहीं, बल्कि पारंपरिक तौर पर भी करना होगा. पाकिस्तान ने अपनी मिसाइल क्षमता बढ़ाई है, इसलिए भारत को अपनी रणनीति को फिर से देखना होगा. इसके लिए सरकार अब निजी कंपनियों को ज्यादा ऑर्डर देगी ताकि मिसाइलों का उत्पादन तेजी से बढ़ सके. अभी भारत काफी हद तक DRDO और एक सरकारी कंपनी पर निर्भर है, जिसे अब बदलने की जरूरत है.

वेस्ट एशिया और दुनिया के हालातों का क्या असर होगा?

रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे वेस्ट एशिया के संघर्ष का गहराई से अध्ययन करें. इससे भारत अपनी तैयारी बेहतर कर सकेगा और अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित रख पाएगा. इसी तैयारी के तहत 27 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश में एक नई BrahMos मिसाइल यूनिट शुरू की गई. इस यूनिट में साल भर में 80 से 100 मिसाइलें बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

अन्य देशों के साथ भारत का डिफेंस तालमेल कैसा है?

  • Armenia: भारत और Armenia के बीच सैन्य हार्डवेयर और आधुनिक हथियारों पर चर्चा हुई है. Armenia भारत की Pralay मिसाइल सिस्टम खरीदने की योजना बना रहा है.
  • Russia: रूस के साथ मिलकर भारत BrahMos मिसाइलें बना रहा है और R-37M जैसी लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी ली हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत अपनी मिसाइल उत्पादन क्षमता कैसे बढ़ाएगा?

सरकार अब केवल DRDO और एक सरकारी कंपनी पर निर्भर रहने के बजाय निजी उद्योगों को ज्यादा सप्लाई ऑर्डर देगी ताकि उत्पादन की रफ्तार बढ़ सके.

Armenia भारत से कौन सी मिसाइल लेना चाहता है?

Armenia भारत की Pralay टैक्टिकल सरफेस-टू-सरफेस मिसाइल सिस्टम खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहा है.