भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक रिश्तों ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है। 20 जुलाई 2026 को भारत से चली पहली कमर्शियल मालगाड़ी नेपाल के Biratnagar कस्टम्स यार्ड पहुंची। Container Corporation of India Limited (CONCOR) द्वारा संचालित यह ट्रेन 17 जुलाई को कोलकाता पोर्ट से रवाना हुई थी, जिसमें नेपाल की Swastik Oil Industries के लिए कैनोला ग्रेन (तेलहन) लदा हुआ था।

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व्यापार में मिलेगी नई मजबूती

यह सीधी ट्रेन सेवा जोगबनी लिंक का उपयोग करती है, जिससे दोनों देशों के बीच सामान ले जाना अब आसान हो गया है। इस सुविधा को 13 नवंबर 2025 को हुए समझौते के बाद लागू किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस बदलाव से लॉजिस्टिक्स की लागत में 20 से 30 फीसदी तक की कमी आने की उम्मीद है। पहले माल की ढुलाई मुख्य रूप से बीरगंज तक ही सीमित थी, लेकिन अब कोलकाता, हल्दिया और विशाखापत्तनम जैसे पोर्ट से सीधे नेपाल के Biratnagar और Nautanwa तक सामान भेजा जा सकेगा।

इंडस्ट्री को होगा फायदा

Biratnagar कस्टम ऑफिस के मुख्य अधिकारी Umesh Shrestha ने इस ट्रेन के पहुंचने की पुष्टि की है। वहीं, मोरंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष Nandu Rathi ने बताया कि इससे पूर्वी नेपाल के उद्योगपतियों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि अब सामान लगभग 24 घंटे में कोलकाता से पहुंच सकेगा। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने पहले ही कहा था कि यह नया सिस्टम दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि वापसी में खाली ट्रेन का आना और नेपाल में लोडिंग-अनलोडिंग का खर्च अभी भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, जिस पर भविष्य में काम करने की जरूरत है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.