भारत-नेपाल पंचेश्वर परियोजना पर बड़ी बैठक सितंबर में, चार साल बाद जल संसाधनों पर होगी अहम चर्चा.

Sushma Kumari10 August 20262 min read55 viewsIndia
भारत-नेपाल पंचेश्वर परियोजना पर बड़ी बैठक सितंबर में, चार साल बाद जल संसाधनों पर होगी अहम चर्चा.

भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से रुकी हुई पंचेश्वर बहुउद्देश्यीय परियोजना और महाकाली संधि से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए आखिरकार एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच आने वाले सितंबर के पहले सप्ताह में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय जल संसाधन बैठक आयोजित की जाएगी। लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद हो रही यह उच्चस्तरीय बातचीत दोनों पड़ोसी देशों के बीच जल संसाधन सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है, जिससे आम जनता और दोनों देशों के रिश्तों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

चार साल बाद फिर शुरू होगी जल संसाधनों पर उच्चस्तरीय बातचीत

काठमांडू से मिली जानकारी के अनुसार, इस आगामी बैठक में भारत-नेपाल संयुक्त जल संसाधन समिति और जल संसाधन संबंधी संयुक्त स्थायी तकनीकी समिति की बैठकें भी एक साथ होंगी। इस उच्चस्तरीय चर्चा के दौरान कई ऐसे मुद्दों पर बात होगी जो सीधे तौर पर दोनों देशों की जनता के विकास से जुड़े हैं। बैठक के मुख्य एजेंडे में टनकपुर बैराज से लेकर नेपाल सीमा तक बनाई जाने वाली प्रस्तावित लिंक नहर का मुद्दा प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके अलावा टनकपुर-महेन्द्रनगर लिंक रोड, दोधारा-चांदनी क्षेत्र में खेती और पीने के लिए पानी की आपूर्ति, सप्तकोशी हाई डैम बहुउद्देश्यीय परियोजना और सुनकोशी-कमला स्टोरेज-कम-डाइवर्जन योजना पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी.

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ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों ने की बैठक की पुष्टि

नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुशील चन्द्र आचार्य ने मीडिया को यह पुष्टि की है कि सितंबर महीने में होने वाली बैठकों के एजेंडे में पंचेश्वर परियोजना को मुख्य रूप से शामिल कर लिया गया है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल जून में नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल की भारत यात्रा के दौरान यह सहमति बनी थी कि दोनों देशों के बीच के पुराने और लंबित मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाए। साथ ही, महाकाली संधि के सही तरीके से कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने की इच्छा दोनों पक्षों की ओर से जताई गई थी, जिसके बाद अब जाकर यह औपचारिक बैठक तय हो पाई है.

एजेंडे को दिया जा रहा है अंतिम रूप

एक वरिष्ठ नेपाली सरकारी अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्ष व्यापक जल संसाधन सहयोग और पंचेश्वर परियोजना से जुड़े तमाम पहलुओं पर अपने-अपने प्रस्तावित एजेंडे का आदान-प्रदान कर रहे हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में इन सभी बिंदुओं और एजेंडे को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। सितंबर की यह बैठक इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि करीब चार साल बाद दोनों देशों के बीच जल संसाधनों को लेकर कोई औपचारिक उच्चस्तरीय बातचीत फिर से पटरी पर लौट रही है। इस बैठक से लंबे समय से अटकी पड़ी पंचेश्वर परियोजना को समय पर पूरा करने की एक नई उम्मीद जग गई है, जिससे दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को काफी फायदा मिलने की पूरी उम्मीद है।

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