नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल (Shisir Khanal) ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा पूरी कर ली है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और सीमा विवादों को हल करने के लिए सकारात्मक बातचीत हुई। भारत और नेपाल के बीच डिजिटल पेमेंट, रेलवे कनेक्टिविटी और विकास परियोजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा।

भारत और नेपाल के बीच क्या नए समझौते हुए हैं?

दोनों देशों के बीच डिजिटल और भौतिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं:

  • डिजिटल पेमेंट (Digital Payment): नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (NCHL) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत अब सीमा पार पीयर-टू-पीयर (P2P) डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आधिकारिक रूप से चालू कर दिया गया है।
  • जनकपुर-अयोध्या रेल लिंक (Janakpur-Ayodhya Rail Link): दोनों देशों के बीच इस बहुप्रतीक्षित रेल सेवा को जल्द ही दोबारा शुरू करने पर सहमति बनी है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में इस ट्रेन का संचालन सप्ताह में एक बार किया जाएगा।
  • पुनर्निर्माण परियोजनाएं: भारत सरकार ने भूकंप के बाद नेपाल में पुनर्निर्मित की गई 72 स्वास्थ्य क्षेत्र और 12 सांस्कृतिक क्षेत्र की परियोजनाओं को औपचारिक रूप से नेपाल सरकार को सौंप दिया है।
  • भाषा अनुवाद प्लेटफार्म: डिजिटल इंडिया भाषिणी और काठमांडू यूनिवर्सिटी के बीच “वॉइस फर्स्ट” अनुवाद प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

सीमा विवाद और तीसरे पक्ष के दखल पर भारत का सख्त रुख

सीमा विवादों को लेकर दोनों देशों के बीच स्थापित द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से चर्चा की गई:

  • नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि सीमा विवादों को आपसी बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जा सकता है। नेपाल की नई सरकार भारत के साथ एक साफ एजेंडे और आर्थिक बदलाव की सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
  • भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कर दिया कि भारत-नेपाल सीमा विवाद में ब्रिटेन (UK) या किसी भी अन्य तीसरे पक्ष का दखल स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह से दोनों देशों का आपसी मामला है और इसे स्थापित तंत्र के जरिए ही सुलझाया जाएगा।
  • नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने भी स्पष्ट किया है कि भारत के साथ सीमा विवाद को आपसी बातचीत और राजनयिक प्रयासों से हल किया जाएगा।

कानूनी सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण चर्चाएं

दोनों देशों ने आपराधिक मामलों में आपसी कानूनी सहायता समझौते (Mutual Legal Assistance Agreement) को लागू करने के लिए अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया है। इससे सीमा पार होने वाले अपराधों को रोकने और न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज करने में मदद मिलेगी। अपनी यात्रा के दौरान नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से मुलाकात कर व्यापार, निवेश, जल संसाधन और शिक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।

Frequently Asked Questions (FAQs)

नेपाल और भारत के बीच कौन सी नई ट्रेन सेवा शुरू हो रही है?

दोनों देशों के बीच जनकपुर-अयोध्या रेल लिंक सेवा को दोबारा शुरू करने पर सहमति बनी है, जो शुरुआत में सप्ताह में एक बार चलेगी।

क्या भारत-नेपाल सीमा विवाद में किसी तीसरे देश की भूमिका होगी?

नहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें ब्रिटेन या किसी भी तीसरे पक्ष की भागीदारी को पूरी तरह खारिज किया गया है।

दोनों देशों के बीच डिजिटल पेमेंट को लेकर क्या समझौता हुआ है?

NCHL और भारत के NPCI के बीच हुए समझौते के बाद अब दोनों देशों के बीच सीमा पार पीयर-टू-पीयर (P2P) डिजिटल पेमेंट की सुविधा को चालू कर दिया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.