भारत और ओमान के रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक नया कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 13 जून 2026 को प्रशांत पीसे को आधिकारिक तौर पर ‘लेटर ऑफ क्रेडेंस’ सौंपा। इसके साथ ही प्रशांत पीसे अब ओमान में भारत के नए राजदूत बन गए हैं और अपनी औपचारिक ड्यूटी शुरू करेंगे।

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कौन हैं प्रशांत पीसे और क्या है उनकी भूमिका

प्रशांत पीसे 1995 बैच के इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) अधिकारी हैं। ओमान का राजदूत बनने से पहले वह विदेश मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी (इमिग्रेशन पॉलिसी और वेलफेयर) के पद पर तैनात थे। वह अब ओमान में भारत के पूर्व राजदूत गोदावरी वेंकट श्रीनिवास की जगह लेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने उनकी नियुक्ति की घोषणा मई 2026 के दौरान ही कर दी थी।

क्या होता है लेटर ऑफ क्रेडेंस

साधारण शब्दों में कहें तो लेटर ऑफ क्रेडेंस एक औपचारिक सरकारी दस्तावेज होता है। यह भारत के राष्ट्रपति द्वारा ओमान के राष्ट्राध्यक्ष को भेजा जाता है। जब तक राजदूत यह लेटर नहीं सौंपते, तब तक वह आधिकारिक तौर पर अपना काम शुरू नहीं कर सकते। यह प्रक्रिया राजदूत को उस देश में मान्यता दिलाने और उनकी जिम्मेदारियां तय करने के लिए जरूरी होती है।

ओमान में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है। नया राजदूत अब वहां रहने वाले भारतीयों की समस्याओं, उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखेंगे। इस नियुक्ति से भारत और ओमान के बीच कूटनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।