भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार को लेकर एक बहुत बड़ा समझौता होने जा रहा है। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को दोनों देश एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन करेंगे। इससे भारत के छोटे व्यापारियों और MSMEs को बहुत फायदा होगा क्योंकि अब भारत का 70% सामान बिना किसी टैक्स के न्यूजीलैंड जा सकेगा।
इस समझौते से भारतीय व्यापारियों को क्या फायदा होगा?
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने बताया कि इस डील से भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। अब भारत से जाने वाले करीब 70% सामान पर न्यूजीलैंड में कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। इसका सीधा फायदा आगरा के चमड़ा कारोबार, उत्तर प्रदेश के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को होगा। साथ ही ‘एक जिला एक उत्पाद’ (one district one product) पहल के तहत बनने वाले सामानों के लिए भी विदेश में नए रास्ते खुलेंगे।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री Christopher Luxon के मुताबिक, इस डील का लक्ष्य अगले 5 साल में दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाकर 5 बिलियन डॉलर तक ले जाना है। वहीं न्यूजीलैंड ने अगले 15 सालों में भारत में 20 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है।
टैक्स और सामान के नियमों की पूरी लिस्ट
इस समझौते में अलग-अलग सामानों के लिए टैक्स घटाने के अलग नियम बनाए गए हैं। कुछ सामानों पर टैक्स तुरंत खत्म होगा, तो कुछ पर धीरे-धीरे।
| श्रेणी | टैक्स नियम | शामिल सामान |
|---|---|---|
| तुरंत टैक्स खत्म (30%) | तुरंत लागू | लकड़ी, ऊन और भेड़ का मांस |
| धीरे-धीरे टैक्स खत्म (35.60%) | 3, 5, 7 और 10 साल में | पेट्रोलियम तेल, वेजिटेबल ऑयल, मशीनरी |
| टैक्स में कटौती (4.37%) | सीमित कमी | वाइन, दवाइयां, एल्युमीनियम और स्टील |
| कोटा सिस्टम (0.06%) | TRQs लागू | शहद, सेब, कीवी फल |
| टैक्स से बाहर (Exclusions) | कोई छूट नहीं | डेयरी उत्पाद (दूध, पनीर), चीनी, रत्न और आभूषण |
छात्रों और नौकरी पेशा लोगों के लिए क्या है खास?
यह समझौता सिर्फ सामान बेचने के लिए नहीं है, बल्कि इससे नौकरी और पढ़ाई के मौके भी बढ़ेंगे। भारत अब न्यूजीलैंड में IT, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, एजुकेशन और योग जैसे क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकेगा। भारतीय शेफ और संगीत शिक्षकों के लिए भी वहां काम करना आसान होगा।
- डिग्री कोर्स: न्यूजीलैंड में डिग्री लेने वाले भारतीय छात्रों को 2 साल का वर्क वीज़ा मिलेगा।
- STEM और ऑनर्स: बैचलर डिग्री (ऑनर्स) या STEM ग्रेजुएट्स को 3 साल का वीज़ा मिलेगा।
- पोस्ट ग्रेजुएशन: पीजी पढ़ाई करने वालों को 4 साल का वर्क वीज़ा मिलेगा।