India-New Zealand FTA: भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच होगा बड़ा समझौता, 5000 भारतीयों को मिलेगी नौकरी, व्यापार में होगा भारी इजाफा
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच अगले हफ्ते एक बहुत बड़ा व्यापार समझौता (FTA) होने जा रहा है। इस समझौते पर हस्ताक्षर 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में होंगे। न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले इस खास मौके के लिए भारत आएंगे। इस डील से दोनों देशों के बीच सामान खरीदना-बेचना आसान होगा और नौकरियों के नए मौके खुलेंगे।
इस समझौते से भारत और न्यूज़ीलैंड को क्या फायदा होगा?
इस डील के बाद भारत से न्यूज़ीलैंड जाने वाले सभी सामानों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा, यानी भारत को 100% जीरो ड्यूटी एक्सेस मिलेगा। वहीं न्यूज़ीलैंड के 95% सामानों पर टैक्स कम या खत्म कर दिया जाएगा। न्यूज़ीलैंड के करीब 57% सामान जैसे ऊन, कोयला और लेदर पहले दिन से ही बिना टैक्स के भारत आ सकेंगे। बाद में यह आंकड़ा बढ़कर 82% तक पहुंच जाएगा।
नौकरियों और निवेश पर क्या असर पड़ेगा?
इस समझौते में भारतीय युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। न्यूज़ीलैंड हर साल 5,000 कुशल भारतीय कामगारों को वीज़ा देगा, जो वहां 3 साल तक काम कर सकेंगे। दोनों देशों ने अगले 5 साल में व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही अगले 15 सालों में करीब 20 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद है। न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा मौका बताया है।
किन चीजों को इस समझौते से बाहर रखा गया है?
भारत ने अपने घरेलू किसानों और छोटे उद्योगों को बचाने के लिए कुछ चीजों पर टैक्स छूट नहीं दी है। डेयरी उत्पाद, खाद्य तेल, चीनी, प्याज, मसाले और रबर जैसी संवेदनशील चीजों को इस छूट से बाहर रखा गया है। न्यूज़ीलैंड में इस समझौते को पूरी तरह लागू करने से पहले वहां की संसद की एक कमेटी इसकी जांच करेगी और फिर जरूरी कानून बनाए जाएंगे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भारत का एक्सपोर्ट टैक्स | 0% (100% एक्सेस) |
| न्यूज़ीलैंड का एक्सपोर्ट टैक्स | 95% तक की कटौती |
| पहले दिन ड्यूटी-फ्री सामान | 57% (ऊन, कोयला, लेदर आदि) |
| पूर्ण कार्यान्वयन के बाद ड्यूटी-फ्री | 82% |
| व्यापार का लक्ष्य (5 साल) | 5 अरब डॉलर |
| निवेश का लक्ष्य (15 साल) | 20 अरब डॉलर |
| वीज़ा सुविधा | 5,000 कामगार सालाना |