भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है। ऑकलैंड में मोदी की यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने एक साझा बयान जारी किया। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

Strait of Hormuz में व्यापार पर ज़ोर

दोनों नेताओं ने खास तौर पर Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही और वैश्विक व्यापार को बिना किसी रुकावट के चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिपिंग पर कोई पाबंदी नहीं लगनी चाहिए और सभी को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) का हवाला दिया।

अमेरिका और ईरान के बीच ठन गई

यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। 10 और 11 जुलाई 2026 के बीच अमेरिका ने ईरान से मांग की कि वह सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करे कि Strait of Hormuz खुला है और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमला नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते को खत्म घोषित कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के कुछ कट्टरपंथी गुट इस समझौते को जानबूझकर खराब कर रहे हैं।

ईरान और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा का दावा

दूसरी तरफ ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत अमीर सईद इरावानी ने दावा किया कि Strait of Hormuz को खोलने या वहां माइन हटाने जैसे काम पूरी तरह से ईरान के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

इसी बीच UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने 10 जुलाई 2026 को इस समुद्री रास्ते के लिए सुरक्षा खतरे का स्तर ‘गंभीर’ रखा था और जहाज मालिकों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। हालांकि अमेरिकी नौसेना (USNAVCENT) ने साफ किया कि किसी भी देश के पास Strait of Hormuz को बंद करने या नियंत्रित करने का अधिकार नहीं है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक जहाज बिना किसी फीस या पूर्व समन्वय के इस रास्ते का उपयोग कर सकते हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com