भारत और न्यूजीलैंड ने अपने रिश्तों को एक नए स्तर पर पहुँचाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने “रणनीतिक साझेदारी” (Strategic Partnership) की शुरुआत की। यह यात्रा पिछले 40 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी, जिसमें दोनों देशों ने 2030 तक के लिए एक खास रोडमैप तैयार किया है।
व्यापार और निवेश का नया लक्ष्य
दोनों देशों ने तय किया है कि 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक ले जाया जाएगा। इसके लिए एक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) साइन किया गया है, जिससे न्यूजीलैंड से भारत आने वाले सामानों पर टैक्स काफी कम हो जाएगा।
| विवरण | लक्ष्य / विवरण |
|---|---|
| व्यापार लक्ष्य (2030) | 7 अरब NZ डॉलर (करीब ₹35,000 करोड़) |
| कुल टैक्स कटौती | 95% न्यूजीलैंड निर्यात पर |
| तुरंत टैक्स कटौती | 57% निर्यात पर तत्काल प्रभाव से |
| भारत में निवेश | 20 अरब अमेरिकी डॉलर (अगले 15 साल में) |
सुरक्षा और तकनीक पर सहमति
व्यापार के अलावा अब दोनों देश रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और तकनीक जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक खास समझौता किया गया है ताकि हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
दोनों देशों के बीच कृषि, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल बदलाव और विज्ञान जैसे विषयों पर भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। न्यूजीलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस रिश्ते में नई ऊर्जा और संकल्प की बात कही है।
