भारत की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सात विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इनमें एक अमेरिकी नागरिक Mathew Aaron VanDyke और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इन सभी पर म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को ट्रेनिंग देने और उन्हें आधुनिक तकनीक मुहैया कराने का गंभीर आरोप है। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि ये गतिविधियां भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं।

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गिरफ्तार विदेशी नागरिकों और उनकी गतिविधियों का विवरण

NIA की रिपोर्ट के अनुसार, ये विदेशी नागरिक वैध वीजा पर भारत आए थे लेकिन बाद में उन्होंने मिजोरम जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों का रुख किया। वहां से ये अवैध तरीके से म्यांमार की सीमा में दाखिल हुए। इन पर लगे मुख्य आरोप नीचे दिए गए हैं:

  • म्यांमार के विद्रोही गुटों को ड्रोन और जैमिंग डिवाइस जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण देना।
  • विद्रोही लड़ाकों को आधुनिक युद्ध और ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग देना।
  • 2024 से लगातार सीमा पार ऐसी गतिविधियों में शामिल रहना।
  • भारत की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले विद्रोही संगठनों से सीधा संपर्क रखना।

कोर्ट का आदेश और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

दिल्ली की एक विशेष अदालत ने सभी सातों आरोपियों को 27 मार्च 2026 तक NIA की कस्टडी में भेज दिया है। एजेंसी अब उनके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है ताकि फंडिंग के स्रोतों का पता लगाया जा सके।

विवरण जानकारी
गिरफ्तारी की तारीख 13 मार्च 2026
मुख्य आरोपी Mathew Aaron VanDyke (USA)
अन्य आरोपी 6 यूक्रेनी नागरिक
कानूनी धाराएं UAPA धारा 18 और फॉरेनर्स एक्ट

इस मामले पर यूक्रेन सरकार ने कड़ा विरोध जताया है और अपने नागरिकों के लिए राजनयिक पहुंच की मांग की है। वहीं अमेरिकी दूतावास ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है लेकिन निजता के कारणों से ज्यादा जानकारी साझा करने से मना कर दिया है। रूसी खुफिया एजेंसी से मिली जानकारी ने इन गिरफ्तारियों में बड़ी भूमिका निभाई है।