भारत और ओमान के बीच व्यापार का नया दौर शुरू हो गया है। 1 जून 2026 से दोनों देशों के बीच हुआ Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) लागू हो गया। इस बड़े फैसले से अब सामान की आवाजाही आसान होगी और टैक्स का बोझ कम होगा, जिसका सीधा फायदा व्यापारियों और आम लोगों को मिलेगा।

यह समझौता 18 दिसंबर 2025 को मस्कट में भारत के वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal और ओमान के मंत्री Qais bin Mohammed Al Yousef के बीच साइन हुआ था। ओमान के सुल्तान Haitham bin Tarik ने 15 फरवरी 2026 को रॉयल डिक्री नंबर 30/2026 के जरिए इसे मंजूरी दी थी।

व्यापार और टैक्स में क्या बदलाव हुए?

ओमान सरकार ने भारत से आने वाले लगभग 98.08 प्रतिशत सामानों पर ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। इसका मतलब है कि भारत के निर्यात मूल्य का 99.38 प्रतिशत हिस्सा अब टैक्स फ्री होगा। वहीं, भारत ने भी ओमान से आने वाले 77.79 प्रतिशत सामानों पर ड्यूटी हटा दी है, जिससे आयात मूल्य का 94.81 प्रतिशत हिस्सा अब सस्ता होगा।

विवरण ओमान (भारत के लिए) भारत (ओमान के लिए)
टैरिफ लाइन्स पर छूट 98.08% 77.79%
निर्यात/आयात मूल्य पर प्रभाव 99.38% 94.81%
कपड़ा टैरिफ लाइन्स 945 (जीरो ड्यूटी) उपलब्ध नहीं
हटाया गया टैक्स (MFN) 5% (कपड़ों पर) उपलब्ध नहीं
लागू होने की तारीख 1 जून 2026 1 जून 2026

कपड़ा और हस्तशिल्प कारोबार पर क्या असर होगा?

कपड़ा उद्योग के लिए यह बहुत बड़ी खबर है। ओमान ने कपड़ों और कपड़ों से जुड़ी 945 टैरिफ लाइनों पर तुरंत जीरो ड्यूटी लागू कर दी है। पहले इन पर 5 प्रतिशत MFN ड्यूटी लगती थी, जिसे अब हटा दिया गया है। इसके साथ ही, हस्तशिल्प (handicrafts) के सामानों के लिए भी जीरो-ड्यूटी एक्सेस दिया गया है।

भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय तथा वस्त्र मंत्रालय के मुताबिक, अब निर्यातकों को Trade Connect ePlatform के जरिए डिजिटल सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन प्राप्त करने होंगे। यह डिजिटल ढांचा भी 1 जून 2026 से काम करना शुरू कर चुका है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

India-Oman CEPA क्या है और यह कब से लागू हुआ?

यह भारत और ओमान के बीच एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी हुआ है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और टैक्स कम करना है।

कपड़ा व्यापारियों को इस समझौते से क्या फायदा होगा?

ओमान ने 945 कपड़ा टैरिफ लाइनों पर लगने वाले 5 प्रतिशत MFN ड्यूटी को पूरी तरह हटा दिया है, जिससे भारतीय कपड़ा उत्पाद ओमान के बाजार में सस्ते और प्रतिस्पर्धी होंगे।