भारत और ओमान के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच हुआ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता यानी CEPA 1 जून 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। इस नए समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों को ओमान के बाजारों में बहुत बड़ा फायदा मिलने जा रहा है। अब भारत से जाने वाले लगभग 98 प्रतिशत से अधिक सामानों पर ओमान में कोई कस्टम ड्यूटी यानी सीमा शुल्क नहीं देना होगा। इससे व्यापार की लागत घटेगी और दोनों देशों के बीच कारोबार का एक नया दौर शुरू होगा।

किस देश को टैक्स में कितनी मिली छूट और कौन से सामान होंगे सस्ते?

इस समझौते के तहत भारत और ओमान दोनों देशों ने एक-दूसरे को अपने बाजारों में विशेष छूट दी है। भारतीय निर्यातकों को ओमान के 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर बिना किसी टैक्स के यानी ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी। इससे भारत के उन निर्यातकों को सीधा फायदा होगा जो इंजीनियरिंग सामान, दवाएं, खेती और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स, सी-फूड, कपड़े, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और आभूषणों का कारोबार करते हैं। वहीं दूसरी तरफ भारत भी ओमान के लिए अपने बाजारों को खोल रहा है।

दोनों देशों को मिलने वाले मुख्य फायदों को समझने के लिए आप इस तालिका को देख सकते हैं:

प्रमुख विवरण भारत के लिए फायदे ओमान के लिए फायदे
ड्यूटी फ्री एक्सेस (टैरिफ लाइन्स) 98.08% सामानों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा 77.79% सामानों पर रियायतें मिलेंगी
कुल निर्यात मूल्य कवरेज 99.38% भारतीय निर्यात मूल्य इसके दायरे में आएगा 94.81% आयात मूल्य को कवर किया जाएगा
मुख्य सामान और सेक्टर इंजीनियरिंग सामान, दवाएं, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और आभूषण मार्बल ब्लॉक्स, खजूर, पेट्रोकेमिकल्स और ऊर्जा उत्पाद

भारतीय प्रवासियों और पेशेवरों के लिए नौकरी के नियमों में क्या बदला?

यह समझौता केवल सामानों के आयात-निर्यात तक ही सीमित नहीं है, बल्कि खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए भी इसमें बहुत खास प्रावधान किए गए हैं। ओमान सरकार ने भारतीय कंपनियों और पेशेवरों के लिए अपने नियमों को काफी उदार बना दिया है। इसके तहत ओमान ने अपनी कंपनियों में भारतीय ट्रांसफरियों के लिए कोटा सीमा को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया है।

इसके साथ ही, ओमान ने भारतीय कंपनियों को अपने देश के प्रमुख सर्विस सेक्टरों में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) करने की मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि अब भारतीय कंपनियां ओमान में अपनी पूरी हिस्सेदारी के साथ बिजनेस शुरू कर सकेंगी। इसका फायदा कंप्यूटर से जुड़ी सेवाओं, बिजनेस और प्रोफेशनल सर्विस, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने वाले लोगों को मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?

भारत सरकार के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते के लागू होने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह समझौता खाड़ी क्षेत्र में भारत की आर्थिक मौजूदगी को और मजबूत करने की हमारी बड़ी रणनीति का हिस्सा है। वहीं ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस समझौते का असली फायदा सिर्फ टैक्स कम होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे भारत की खाड़ी देशों में राजनीतिक और रणनीतिक स्थिति भी मजबूत होगी। इससे भारतीय कंपनियों को ओमान के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन नेटवर्क में गहरी हिस्सेदारी मिलेगी।

यह समझौता साल 2014 के बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला पांचवां बड़ा मुफ्त व्यापार समझौता है। इससे पहले भारत ने मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और ईएफटीए देशों के साथ ऐसे समझौतों को लागू किया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस समझौते के तहत सामानों के असली उद्गम की पहचान करने के लिए विशेष नियम भी बनाए हैं ताकि कोई दूसरा देश इसका गलत फायदा न उठा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत और ओमान के बीच यह नया व्यापार समझौता कब से लागू हुआ है?

भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) 1 जून 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। इस समझौते पर 18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षर किए गए थे।

ओमान में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को इस समझौते से क्या लाभ होगा?

ओमान ने भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थाई निवास के नियमों को आसान बनाया है और कंपनियों के भीतर ट्रांसफर होने वाले कर्मचारियों का कोटा 20% से बढ़ाकर 50% कर दिया है, जिससे भारतीयों के लिए वहां नौकरी की संभावनाएं बढ़ेंगी।

इस समझौते के तहत ओमान को किन उत्पादों पर छूट मिलेगी?

भारत ने ओमान के लिए अपनी 77.79 प्रतिशत टैरिफ लाइनों को खोला है, जिसके तहत ओमान से आने वाले मार्बल ब्लॉक्स, खजूर और पेट्रोकेमिकल्स जैसे उत्पादों पर रियायतें दी जाएंगी, जिनमें से कुछ पर कोटा और समय सीमा तय की गई है।