भारत और ओमान के अधिकारियों ने 11 मई 2026 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को जल्द से जल्द लागू करना था। इस समझौते से आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार करना आसान होगा और सामान की आवाजाही बढ़ेगी।
भारत-ओमान व्यापार समझौते में क्या खास है
इस समझौते को कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) भी कहा जाता है। इसे 18 दिसंबर 2025 को साइन किया गया था और ओमान ने फरवरी 2026 में इसे अपनी मंजूरी दे दी थी। इस डील का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारत से ओमान जाने वाले 98% सामान पर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी।
वहीं भारत भी ओमान से आने वाले सामान पर टैक्स कम करेगा। इसमें मुख्य रूप से खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद शामिल हैं। दोनों देशों ने कस्टम प्रक्रिया को सरल बनाने और तकनीकी मानकों को एक जैसा करने पर सहमति जताई है ताकि व्यापारियों को परेशानी न हो।
| विवरण | भारत से ओमान | ओमान से भारत |
|---|---|---|
| ड्यूटी फ्री एक्सेस | 98% निर्यात पर छूट | 77.79% टैरिफ लाइनों पर कमी |
| मुख्य सामान | व्यापारिक मूल्य का 99.38% | खजूर, मार्बल, पेट्रोकेमिकल्स |
नया नियम कब से लागू होगा और किन चीजों पर छूट नहीं मिलेगी
भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संकेत दिया है कि यह समझौता 1 जून से लागू हो जाएगा। इससे पहले वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मई की शुरुआत से इसे लागू करने की बात कही थी। सरकार चाहती है कि भारतीय कंपनियां इस मौके का फायदा उठाएं और अपना निर्यात बढ़ाएं।
हालांकि, कुछ सामानों को इस छूट से बाहर रखा गया है। भारत ने अपने स्थानीय उद्योगों को बचाने के लिए निम्नलिखित चीजों पर टैक्स कम नहीं किया है:
- डेयरी उत्पाद, चाय और कॉफी
- रबर और तंबाकू
- सोना और चांदी
- मजदूरों पर आधारित कुछ खास उत्पाद
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत-ओमान FTA से व्यापारियों को क्या फायदा होगा
इस समझौते के बाद भारत के 98% निर्यात पर ओमान में ड्यूटी नहीं लगेगी, जिससे भारतीय सामान वहां सस्ता होगा और बिक्री बढ़ेगी।
यह व्यापार समझौता कब से प्रभावी होगा
वाणिज्य सचिव के अनुसार, भारत और ओमान के बीच यह समझौता 1 जून 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है।
