भारत और ओमान ने अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय मोबाइल ट्रेनिंग टीमों (IMTT) ने ओमान के सुल्तान की सशस्त्र सेना (SAF) के जवानों के लिए एक विशेष सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है। यह जानकारी हाल ही में मई 2026 में सामने आई है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को उजागर करती है। इस ट्रेनिंग पहल से दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग और बेहतर होगा।
भारत और ओमान के बीच क्या नए समझौते हुए हैं?
दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकें हुई हैं। 24 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में 13वीं संयुक्त सैन्य सहयोग समिति (JMCC) की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और ओमान के रक्षा मंत्रालय के महासचिव डॉ. मोहम्मद बिन नासिर बिन अली अल-जाबी ने की थी।
इस बैठक में कई मुख्य मुद्दों पर बातचीत हुई:
- मिलिट्री लॉजिस्टिक कॉम्प्लेक्स: दोनों देशों के बीच एक सैन्य लॉजिस्टिक कॉम्प्लेक्स बनाने की प्रगति पर चर्चा हुई।
- शिपबिल्डिंग और रखरखाव: जहाजों के निर्माण, रखरखाव और मरम्मत (MRO) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- डिफेंस एक्सपोर्ट: दोनों देशों ने रक्षा निर्यात के नए रास्ते तलाशने और रक्षा तकनीकों को साझा करने पर बात की।
सैन्य और नौसैन्य स्तर पर क्या गतिविधियां हुईं?
दोनों देशों के बीच केवल बैठकें ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर भी कई साझा अभ्यास हुए हैं। अक्टूबर 2025 में नई दिल्ली में तीसरी थलसेना-से-थलसेना स्टाफ वार्ता (AAST) का आयोजन किया गया था। इसमें डिफेंस कोऑपरेशन प्लान 2026 के तहत संयुक्त अभ्यासों और प्रशिक्षण को बढ़ाने पर सहमति बनी।
इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियां इस प्रकार हैं:
- अल नजाह सैन्य अभ्यास: सितंबर 2024 में ओमान के रबाकोट ट्रेनिंग एरिया में ‘अल नजाह’ अभ्यास का 5वां संस्करण आयोजित किया गया था। इसमें दोनों देशों के 60-60 सैनिकों ने हिस्सा लिया और मरुस्थलीय माहौल में आतंकवाद विरोधी अभियानों का प्रशिक्षण लिया।
- नौसेना की तैनाती: अक्टूबर 2024 में भारतीय नौसेना के जहाजों (INS Tir और INS Shardul) और भारतीय तटरक्षक जहाज (ICGS Veera) ने मस्कट का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना था।
- तटरक्षक सहयोग: अप्रैल 2025 में भारतीय तटरक्षक बल और ओमान पुलिस तटरक्षक बल के बीच मस्कट में छठी उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और ओमान के बीच सैन्य ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य ओमान की सशस्त्र सेनाओं के कौशल को बढ़ाना और दोनों देशों के बीच आपसी सैन्य तालमेल को मजबूत करना है। इसमें बुनियादी सैनिक कौशल से लेकर उन्नत हथियारों की ट्रेनिंग शामिल है।
अल नजाह (AL NAJAH) सैन्य अभ्यास कब और कहां आयोजित किया गया था?
यह अभ्यास 13 से 26 सितंबर 2024 तक ओमान के रबाकोट ट्रेनिंग एरिया में आयोजित किया गया था, जिसमें मरुस्थलीय इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान दिया गया था।
क्या भारत और ओमान के बीच कोई पुराना रक्षा समझौता भी है?
हां, दोनों देशों के बीच साल 2005 में सैन्य सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MOU) हस्ताक्षरित किया गया था, जिसे साल 2016 में नवीनीकृत किया गया था।
