वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर भारत ने ‘ऑपरेशन अमिस्टैड’ शुरू किया है। इस मिशन के जरिए प्रभावित इलाकों में दवाइयां, अस्पताल और बचाव दल भेजकर लोगों की जान बचाने की कोशिश की जा रही है।

भूकंप से भारी तबाही

24 जून 2026 को वेनेजुएला के उत्तर-पश्चिमी और मध्य इलाकों में दो शक्तिशाली भूकंप आए। ये दोनों भूकंप मात्र 39 सेकंड के अंतर पर आए और इनकी तीव्रता 7.2 और 7.5 मापन पर दर्ज की गई। इनका केंद्र सैन फेलिप, यराकुय में था। इन झटकों से कराकास और ला गुइरा जैसे शहरों में भारी तबाही हुई, जिसके बाद वहां की सरकार ने इमरजेंसी घोषित कर दी थी।

भारत ने भेजी राहत सामग्री

भारत ने 26 जून को दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों के जरिए कुल 66 टन राहत सामग्री वेनेजुएला भेजी। इसमें भारतीय सेना का एक फील्ड अस्पताल, 35 टन से ज्यादा राहत सामान, दवाइयां और मेडिकल उपकरण शामिल हैं। इसके साथ ही भारत ने दो ‘भीष्म क्यूब’ (BHISHM Cubes) भी भेजे हैं, जो आपातकालीन स्थिति में मोबाइल अस्पताल की तरह काम करते हैं।

ज़मीनी स्तर पर बचाव कार्य

भारत ने 41 लोगों की एक विशेष रेस्क्यू टीम भेजी है। इस टीम में अनुभवी बचाव कर्मियों के साथ 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल के नौ मेडिकल ऑफिसर भी शामिल हैं। 29 जून से कराकास के इंटरनेशनल ला रिनकोनाडा रेसट्रैक पर भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल पूरी तरह चालू हो गया है, जहां लोगों को मुफ्त और चौबीसों घंटे इलाज दिया जा रहा है। पहले ही दिन यहां 42 बाहरी मरीजों का इलाज किया गया।

मौत का आंकड़ा और आधिकारिक दौरा

वेनेजुएला के स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भारतीय फील्ड अस्पताल का दौरा किया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1,719 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 5,000 लोग घायल हैं। करीब 12,000 लोग बेघर हो गए हैं और 46,600 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कराकास में भारतीय दूतावास ने बताया कि भारत चिकित्सा सहायता और आपातकालीन मदद पर पूरा ध्यान दे रहा है।