भारत का कड़ा कदम, पाकिस्तान उच्च आयोग के बाहर के अवैध ढांचे हटाए, MEA ने बताया जवाब.

भारत के विदेश मंत्रालय ने 21 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्च आयोग के बाहर बने अवैध और अनधिकृत ढांचों को हटाना पूरी तरह से एक आनुपातिक प्रतिक्रिया थी। भारतीय एजेंसियों ने 20 अगस्त 2026 को मिशन की तय सीमा के बाहर बनी कतार प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं और अन्य निर्माणों को पूरी तरह से हटा दिया था। इस पूरी कार्रवाई को लेकर मंत्रालय की तरफ से आधिकारिक बयान सामने आया है जिसमें इसे जरूरी कदम बताया गया है।
इस्लामाबाद में हुई थी पहले कार्रवाई
यह पूरा मामला करीब तीन दिन पहले यानी 17 अगस्त 2026 को शुरू हुआ था। उस दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्च आयोग के बाहर लगे पार्किंग पोल और सुरक्षा से जुड़े सामान को हटा दिया था। इस घटना के बाद से ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर तनाव देखा जा रहा था। भारतीय अधिकारियों ने पहले ही पाकिस्तान से अनुरोध किया था कि वे इन ढांचों को न हटाएं क्योंकि ये गाड़ियां खड़ी करने और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी थे, लेकिन पाकिस्तानी प्रशासन ने इस बात को नहीं माना और कार्रवाई कर दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि भारत सरकार ने पाकिस्तान की तरफ से की गई उस हरकत के जवाब में ही यह कदम उठाया है। भारतीय मिशन के बाहर से जब पाकिस्तानी अधिकारियों ने सुरक्षा और पार्किंग से जुड़े सामान हटाए, तो भारत के पास भी इसका सीधा और माकूल जवाब देने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। इस पूरी जानकारी को विस्तार से ANI News की रिपोर्ट में साझा किया गया है। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने राजनयिक मिशनों के बाहर सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े मामलों में पूरी तरह से सतर्क है और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाएगा।