भारत सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई बड़े डिजिटल सुधार किए हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 14वें Passport Seva Divas के मौके पर नए बदलावों की जानकारी दी। अब पासपोर्ट बनवाना और उसका इस्तेमाल करना पहले से ज़्यादा आसान और तेज़ हो जाएगा, जिसका फायदा देश और विदेश में रहने वाले भारतीयों को मिलेगा।
e-Passport और नए प्रोग्राम की शुरुआत
सरकार ने पूरे देश में Passport Seva Programme (PSP) 2.0 और चिप वाले e-Passports शुरू करने का ऐलान किया है। इन नए पासपोर्ट में कॉन्टैक्टलेस चिप टेक्नोलॉजी होगी, जिससे सुरक्षा बढ़ेगी और एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की प्रक्रिया तेज़ होगी। इससे यात्रियों को सफर करने में आसानी होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानक पूरे होंगे।
विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए सुविधा
विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए Global Passport Seva Programme (GPSP V2.0) को दुनिया भर के भारतीय दूतावासों और काउंसलेट्स में लागू किया जा रहा है। इसका मकसद प्रवासी भारतीयों को बेहतर और तेज़ पासपोर्ट सेवाएं देना है। इसके साथ ही, देश के दूरदराज इलाकों में पासपोर्ट सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए नए Passport Seva Kendras (PSKs) और Post Office Passport Seva Kendras (POPSKs) खोले गए हैं।
डिजिटल सुधार और तेज़ वेरिफिकेशन
पासपोर्ट प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने के लिए इसे DigiLocker से जोड़ा गया है, जिससे अब दस्तावेज़ डिजिटल तरीके से जमा किए जा सकते हैं। पुलिस वेरिफिकेशन के समय को कम करने के लिए mPassport Police App लाया गया है, जिससे 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वेरिफिकेशन का समय घटकर केवल 5 से 7 दिन रह गया है।
सरकारी अधिकारियों का बयान
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि e-Passports और PSP 2.0 भारत के आधुनिक और डिजिटल प्रशासनिक सिस्टम का उदाहरण हैं। वहीं, विदेश राज्य मंत्री pabitra Margherita ने बताया कि पासपोर्ट सेवाएं अब अधिक समावेशी और सस्ती हो गई हैं। सरकार का लक्ष्य “सुरक्षित पासपोर्ट, सुगम सेवा, सशक्त नागरिक” के विज़न को पूरा करना है, ताकि आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।
इस अवसर पर 17 से 19 जून 2026 तक क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारियों की एक कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई, जिसमें सेवाओं को और बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
