14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पासपोर्ट सेवाओं को और बेहतर बनाने की जानकारी दी है। सरकार ने पासपोर्ट प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए ई-पासपोर्ट और पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम 2.0 जैसे नए कदम उठाए हैं। यह बदलाव खास तौर पर उन भारतीयों के लिए फायदेमंद होगा जो विदेश में रहते हैं और जिन्हें बार-बार पासपोर्ट रिन्यू कराना पड़ता है।

📰: Passport Seva Update: भारत सरकार का बड़ा फैसला, ई-पासपोर्ट और नए डिजिटल सिस्टम से आसान होगी विदेश यात्रा

ग्लोबल पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम 2.0 से मिली राहत

विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए 28 अक्टूबर 2025 को ग्लोबल पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम (GPSP) वर्जन 2.0 लॉन्च किया गया। अब प्रवासी भारतीय नए ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस सिस्टम के जरिए अब फोटो, सिग्नेचर और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा सकते हैं, जिससे दूतावासों में लगने वाली लंबी लाइनों और वेटिंग टाइम में कमी आएगी।

क्या है ई-पासपोर्ट और इसके फायदे

भारत सरकार ने अब चिप वाले ई-पासपोर्ट जारी करना शुरू कर दिया है। इन पासपोर्ट में एक इलेक्ट्रॉनिक RFID चिप लगी होती है, जिसमें पासपोर्ट धारक की जानकारी सुरक्षित रहती है। इससे एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी और ई-गेट का इस्तेमाल करना आसान होगा। यह सिस्टम पासपोर्ट की नकल या धोखाधड़ी को रोकने में भी मदद करेगा। जिन लोगों के पास पहले से वैध पासपोर्ट है, उन्हें इसे बदलने की जरूरत नहीं है, वह उसकी एक्सपायरी डेट तक चलता रहेगा।

डिजिटल सिस्टम और नई सुविधाएं

देश के भीतर 26 मई 2025 से पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम (PSP) वर्जन 2.0 लागू किया गया। इसमें आम लोगों की सुविधा के लिए कई बदलाव किए गए हैं:

  • AI सहायता: मदद के लिए अब AI चैट और वॉइस बॉट की सुविधा दी गई है।
  • आसान फॉर्म: अब ऑटो-फिल फॉर्म और सरल डॉक्यूमेंट अपलोड की सुविधा उपलब्ध है।
  • डिजिटल पेमेंट: पासपोर्ट फीस का भुगतान अब UPI और QR कोड के जरिए किया जा सकता है।

पासपोर्ट सेवाओं का विस्तार और रफ्तार

पासपोर्ट बनवाने की रफ्तार में बड़ा इजाफा हुआ है। साल 2013-14 में सालाना 83 लाख पासपोर्ट जारी होते थे, जो साल 2025-26 में बढ़कर 138 लाख से ज्यादा हो गए हैं। सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए अब 545 से ज्यादा पासपोर्ट केंद्र (PSK और POPSK) काम कर रहे हैं और दूरदराज के इलाकों के लिए मोबाइल पासपोर्ट वैन भी तैनात की गई हैं।

पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। mPassport Police App के आने से अब 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस वेरिफिकेशन का काम महज 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा हो जाता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com