भारत में आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार और तेज होने वाली है। मई के अंत तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे न केवल गाड़ियां महंगी चलेंगी बल्कि किचन का बजट भी बिगड़ जाएगा। जो लोग खाड़ी देशों में रहकर अपने घर पैसे भेजते हैं, उन्हें भी अब भारत में बढ़ती महंगाई और जरूरी सामानों के महंगे होने की खबर लेनी चाहिए।

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पेट्रोल-डीजल की कीमतें और कितना बढ़ सकती हैं?

हाल ही में 15 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल के दाम 3 रुपये से 3.14 रुपये तक बढ़ाए गए थे। इसके बाद 19 मई को फिर से 90 पैसे की बढ़ोतरी हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तो बस शुरुआत है। इक्रा (ICRA) के मुताबिक तेल कंपनियों को अपनी लागत निकालने के लिए पेट्रोल में 28 रुपये और डीजल में 32 रुपये की और बढ़ोतरी करनी होगी। वहीं MK Global जैसी फर्मों ने कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव रहा, तो अगले 2-3 हफ्तों में दाम 10 रुपये प्रति लीटर तक और बढ़ सकते हैं।

तारीख/संस्था विवरण कीमत/नुकसान
15 मई 2026 कीमतों में वृद्धि 3 से 3.14 रुपये प्रति लीटर
19 मई 2026 कीमतों में वृद्धि लगभग 90 पैसे प्रति लीटर
ICRA का अनुमान जरूरी बढ़ोतरी (पेट्रोल) 28 रुपये प्रति लीटर
ICRA का अनुमान जरूरी बढ़ोतरी (डीजल) 32 रुपये प्रति लीटर
MK Global संभावित वृद्धि (अगले 3 हफ्ते) 10 रुपये प्रति लीटर
OMCs घाटा (15 मई से पहले) प्रतिदिन नुकसान 1,600-1,700 करोड़ रुपये
OMCs घाटा (15 मई के बाद) प्रतिदिन नुकसान लगभग 750 करोड़ रुपये
कुल अनुमानित घाटा मई के अंत तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक

इन जरूरी चीजों के दाम बढ़ेंगे

जब डीजल महंगा होता है, तो सामान ढोने वाली गाड़ियों का किराया बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर आपकी थाली पर पड़ता है। कई कंपनियों ने चेतावनी दी है कि लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने से दैनिक उपयोग की चीजों के दाम बढ़ेंगे।

  • दूध और डेयरी उत्पाद: अमूल और मदर डेयरी ने पहले ही दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। अब दही, पनीर, मक्खन और आइसक्रीम भी महंगी हो सकती हैं।
  • पैकेटबंद सामान: बिस्कुट, स्नैक्स, नूडल्स, खाद्य तेल और कोल्ड ड्रिंक्स के दाम बढ़ सकते हैं क्योंकि इनका ट्रांसपोर्ट खर्च ज्यादा होता है।
  • किराना और सब्जियां: ब्रेड की कीमत पहले ही 5 रुपये बढ़ चुकी है। फल और सब्जियों की सप्लाई सड़कों से होती है, इसलिए इनके दाम भी बढ़ेंगे।
  • CNG: सीएनजी की कीमतों में भी 19 मई को 1 रुपये और इससे पहले 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

सरकारी स्तर पर पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ किया है कि फिलहाल किसी सब्सिडी पैकेज पर विचार नहीं हो रहा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की है ताकि देश पर विदेशी मुद्रा का बोझ कम हो सके। सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर नया टैक्स भी लगाया है ताकि देश के अंदर तेल की कमी न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मई के अंत तक पेट्रोल-डीजल के दाम कितने बढ़ सकते हैं?

विशेषज्ञों और ICRA के अनुसार, तेल कंपनियों को लागत वसूली के लिए पेट्रोल में 28 रुपये और डीजल में 32 रुपये तक की बढ़ोतरी की जरूरत है, जबकि MK Global ने 10 रुपये तक की और वृद्धि का अनुमान लगाया है।

ईंधन महंगा होने से घर के बजट पर क्या असर पड़ेगा?

परिवहन लागत बढ़ने से दूध, ब्रेड, फल, सब्जियां और पैकेटबंद खाद्य उत्पादों (बिस्कुट, नूडल्स) के दाम बढ़ेंगे। अमूल और मदर डेयरी ने पहले ही दूध की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है।