भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह खालिद अल-हमद अल-सबाह से फोन पर अहम बातचीत की है। इस दौरान पीएम मोदी ने कुवैत की संप्रभुता का पूरी तरह से समर्थन किया और मौजूदा हालात में कुवैत के लोगों के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही। इस चर्चा का सबसे मुख्य बिंदु कुवैत में काम करने वाले 10 लाख से अधिक भारतीयों की सुरक्षा रहा, जिसके लिए कुवैत में स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने भी नई गाइडलाइंस जारी कर दी है।
PM Modi और कुवैत के क्राउन प्रिंस के बीच क्या बात हुई
पश्चिम एशिया में चल रहे क्षेत्रीय तनाव के बीच यह फोन कॉल काफी अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने कुवैत की सीमाओं के उल्लंघन की निंदा की और बातचीत तथा कूटनीति के जरिए शांति बहाली पर जोर दिया। उन्होंने भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह को शुभकामनाएं भी दीं।
कुवैत में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा प्रवासी समूह है जिनकी संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। इन सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच सहमति बनी है। कुवैत सरकार ने भी अपनी तरफ से पूरा भरोसा दिया है कि वह वहां काम करने वाले सभी भारतीयों और उनके अधिकारों की पूरी हिफाजत करेगी। भारत ने भी कुवैत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया है।
Indian Embassy की एडवाइजरी और फ्लाइट्स से जुड़ा नया अपडेट
कुवैत में मौजूद भारतीय दूतावास ने प्रवासी भारतीयों की मदद के लिए इमरजेंसी कम्युनिकेशन चैनल चालू कर दिए हैं। दूतावास ने वहां रह रहे नागरिकों से साफ कहा है कि वे कुवैत के स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए जा रहे नियमों का सख्ती से पालन करें और बिना जरूरत कहीं भी यात्रा करने से बचें।
- गल्फ क्षेत्र में तनाव को देखते हुए IndiGo जैसी कुछ एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
- कुवैत के लिए कमर्शियल फ्लाइट्स अभी सामान्य रूप से चल रही हैं, लेकिन दुबई या दोहा होकर जाने वाले ट्रांजिट यात्रियों को अपना स्टेटस चेक करते रहना चाहिए।
- भारत और कुवैत के बीच लगभग 10.47 अरब डॉलर का व्यापार और लेबर एग्रीमेंट सामान्य रूप से जारी है।
- कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (KIA) का भारत में 10 अरब डॉलर का निवेश बरकरार है, जिससे प्रवासियों की नौकरियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
