पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारत सरकार अब रसोई गैस के लिए पाइप वाली गैस यानी PNG के विस्तार पर तेज़ी से काम कर रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पिछले एक महीने में 3.33 लाख से ज़्यादा नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि लोग एलपीजी सिलेंडर पर अपनी निर्भरता कम करें ताकि बाहरी संकटों का असर रसोई के बजट पर न पड़े और सप्लाई चैन सुचारू रूप से चलती रहे।

PNG वाले इलाकों में क्या होंगे नए बदलाव?

सरकार ने ‘Natural Gas and Petroleum Products Distribution Order, 2026’ को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क तैयार हो चुका है, वहां के उपभोक्ताओं को पीएनजी पर शिफ्ट होने के लिए नोटिस दिया जाएगा। अगर उपभोक्ता 3 महीने के भीतर कनेक्शन नहीं लेते हैं, तो उनके घर एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। कंपनियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी मिलने के 4 महीने के भीतर काम शुरू करना होगा। देरी होने पर कंपनियों की विशिष्टता खत्म की जा सकती है और उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

नए कनेक्शन की रफ्तार और मिलने वाली छूट

सरकार का लक्ष्य साल 2034 तक देश में 12.6 करोड़ पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने का है। इस दिशा में ग्राहकों को प्रोत्साहित करने के लिए कई बड़ी कंपनियां विशेष ऑफर भी दे रही हैं। मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने पुष्टि की है कि सरकार पीएनजी के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। वर्तमान में पेट्रोल पंपों पर स्टॉक पर्याप्त है और रिफाइनरियों में कच्चे तेल का अच्छा भंडार मौजूद है।

विवरण ताज़ा जानकारी
Indraprastha Gas Limited (IGL) 31 मार्च 2026 तक जुड़ने पर 500 रुपये की फ्री गैस
GAIL और BPCL नए कनेक्शन पर विशेष कैशबैक और इंसेंटिव
कुल एलपीजी उपभोक्ता लगभग 330 मिलियन (33 करोड़)
PESO का नया निर्देश CGD आवेदनों को 10 दिनों में निपटाना होगा
मार्च 2026 का आंकड़ा 3.1 लाख से अधिक नए कनेक्शन जारी

सरकार ने यह भी साफ़ किया है कि एलपीजी के व्यवसायिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा दिया जा रहा है ताकि वे पीएनजी ट्रांजिशन को तेज़ कर सकें। अभी देश में 92 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी हुई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.