भारत में LPG सिलेंडर की जगह अब PNG लेगा जोर, 4 लाख से ज्यादा लोगों ने बदला तरीका, सरकार ने जारी किए नए नियम
वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव की वजह से भारत सरकार अब गैस सिलेंडरों पर अपनी निर्भरता कम कर रही है। पिछले पांच हफ्तों में 4 लाख से ज्यादा लोग पाइप वाली गैस यानी PNG की तरफ मुड़ चुके हैं। सरकार चाहती है कि घरों में ईंधन की सप्लाई बिना किसी रुकावट के होती रहे, इसलिए PNG नेटवर्क को तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
PNG कनेक्शन के लिए नए नियम क्या हैं?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने मार्च 2026 में एक नया आदेश जारी किया है। इसके तहत हाउसिंग सोसायटियों और रिहायशी इलाकों को पाइपलाइन डालने के लिए 3 कामकाजी दिनों के भीतर मंजूरी देनी होगी। अगर कोई सोसाइटी इसे नहीं मानती है, तो वहां के घरों की LPG सप्लाई 3 महीने के अंदर बंद की जा सकती है। मंजूरी की प्रक्रिया को अब बहुत आसान और समयबद्ध बना दिया गया है ताकि लोगों को जल्दी कनेक्शन मिल सके।
PNG अपनाने से क्या फायदा होगा और सरकार क्या कर रही है?
सरकार ने ‘नेशनल पाइप्ड नेचुरल गैस ड्राइव 2.0’ को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि इसका मकसद LPG की सप्लाई पर दबाव कम करना है। साथ ही, जो राज्य PNG को बढ़ावा दे रहे हैं, उन्हें कमर्शियल LPG का 10 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा दिया जा रहा है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कोई कमी नहीं होगी।
गैस सप्लाई और नए कनेक्शन का ताज़ा डेटा
| विवरण | आंकड़े/अपडेट |
|---|---|
| पिछले 5 हफ्ते में नए PNG उपभोक्ता | 4 लाख से ज्यादा |
| नए गैसिफाइड LPG कनेक्शन | 4.05 लाख |
| कुल नए रजिस्ट्रेशन | 4.41 लाख |
| मार्च 2026 में नए PNG कनेक्शन | 3.1 लाख से ज्यादा |
| कमर्शियल LPG सप्लाई की बहाली | करीब 70 प्रतिशत |
| घरेलू LPG उत्पादन में बढ़ोतरी | 25 प्रतिशत |
| 5 किलो वाले LPG सिलेंडर की बिक्री | करीब 1 लाख |




