पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों के लिए स्थिति गंभीर बनी हुई है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस तनाव के बीच अब तक 13 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और 3 लोग लापता हैं। यह जानकारी हाल ही में समुद्री जहाजों पर हुए हमलों के बाद सामने आई है।

जहाजों पर हमलों से बड़ा नुकसान

14 जुलाई 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमले में भारतीय नाविकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। MT Al Bahiyah जहाज पर सवार एक भारतीय की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। इसके अलावा, MT Mombasa पर सवार 9 भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से 2 की हालत नाजुक बनी हुई है।

भारत सरकार की सख्त प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी देशों के मुकाबले भारतीय नाविकों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है। भारत ने 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में ईरानी दूतावास के उप प्रमुख को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही और व्यापार के निर्बाध प्रवाह की मांग की है, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

भारतीयों की सुरक्षित वापसी

क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार लगातार बचाव कार्य चला रही है। अब तक 2,361 भारतीय ईरान से सुरक्षित वापस आ चुके हैं। इसके अलावा, फरवरी के अंत से अब तक 11 लाख 61 हजार से ज्यादा यात्री खाड़ी क्षेत्र से भारत पहुंचे हैं। फिलहाल 7 भारतीय झंडे वाले जहाजों पर 148 भारतीय नाविक फारस की खाड़ी में मौजूद हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.