भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को पूरी तरह से बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल समझौता (Indus Waters Treaty) बहाल नहीं होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 5 जून 2026 को मीडिया से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की है। भारत का कहना है कि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते, इसलिए यह समझौता अभी स्थगित ही रहेगा।
सिंधु जल समझौते को भारत ने क्यों रखा है स्थगित?
भारत ने 23 अप्रैल 2025 को इस समझौते को स्थगित करने का फैसला लिया था। यह फैसला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए एक दर्दनाक आतंकी हमले के बाद लिया गया था, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद से भारत का स्टैंड बिल्कुल साफ है कि पाकिस्तान जब तक आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करेगा, तब तक उसे इस समझौते का फायदा नहीं मिलेगा। हाल ही में पाकिस्तान ने भारत के चेनाब और ब्यास नदी के प्रोजेक्ट्स पर आपत्ति जताई थी, जिसे भारत ने खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान के आरोपों पर भारत सरकार का क्या है जवाब?
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने 4 जून 2026 को भारत पर “पानी को हथियार बनाने” का आरोप लगाया था। पाकिस्तान का कहना है कि भारत चेनाब नदी पर बन रहे प्रोजेक्ट्स को लेकर इस्लामाबाद से चर्चा नहीं कर रहा है। इसके जवाब में भारत ने 5 जून 2026 को इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। भारत ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) के फैसलों को भी अवैध और अमान्य घोषित कर दिया है, क्योंकि भारत इस कोर्ट की वैधता को नहीं मानता है। भारत का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अपने संप्रभु अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सिंधु जल समझौता कब हुआ था और क्या इसमें स्थगित करने का नियम है?
सिंधु जल समझौता साल 1960 में भारत, पाकिस्तान और विश्व बैंक के बीच हुआ था। इस समझौते में एकतरफा निलंबन का कोई सीधा प्रावधान नहीं है, लेकिन भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने संप्रभु अधिकारों का उपयोग करते हुए इसे अस्थाई रूप से स्थगित किया है।
भारत ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) के फैसले को क्यों ठुकराया है?
भारत इस कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन को गैरकानूनी मानता है। 15 मई 2026 को इस कोर्ट द्वारा जारी किए गए फैसले को भारत ने 17 मई 2026 को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया था और इसके सभी फैसलों को अमान्य घोषित किया है।
