भारत ने दुनिया भर के बाज़ारों में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात पहली बार 860 अरब डॉलर के पार चला गया। इस कामयाबी में पेट्रोलियम प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग सामानों का बड़ा हाथ रहा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक व्यापार में यह बढ़त लगातार बनी हुई है और भारत वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

FY26 में निर्यात और आयात का क्या रहा पूरा हिसाब-किताब?

कॉमर्स सेक्रेटरी Rajesh Agrawal ने वित्त वर्ष 2026 के लिए निर्यात और आयात के आंकड़े साझा किए। आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 में सामान का निर्यात 38.92 अरब डॉलर रहा, जो पूरे साल का सबसे ऊंचा स्तर था। हालांकि, आयात में भी बढ़ोतरी हुई है जिससे व्यापार घाटा पहले के मुकाबले बढ़ गया है।

विवरण आंकड़े (FY26)
कुल निर्यात (सामान और सेवाएं) $860.09 बिलियन
कुल निर्यात में वार्षिक बढ़त 4.22%
कुल सामान निर्यात (Merchandise) $441.78 बिलियन
कुल आयात (Imports) लगभग $970 बिलियन
व्यापार घाटा (Trade Deficit) $119.30 बिलियन
चीन को निर्यात $19.48 बिलियन (36.7% बढ़त)
मार्च महीने का सामान निर्यात $38.92 बिलियन

चीन के साथ व्यापार में उछाल और Gulf देशों के लिए क्या है RELIEF स्कीम?

इस साल चीन को होने वाले निर्यात में 36.7% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं अमेरिका के साथ व्यापार संतुलन में थोड़ी कमी आई है। गल्फ और वेस्ट एशिया के समुद्री रास्तों पर भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए सरकार ने RELIEF स्कीम शुरू की है। यह स्कीम Export Promotion Mission (EPM) के तहत लाई गई है।

  • इस मिशन के लिए वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक 25,060 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
  • RELIEF स्कीम का मुख्य मकसद निर्यातकों को गल्फ क्षेत्र के तनाव से होने वाले जोखिमों से बचाना है।
  • इससे उन व्यापारियों को मदद मिलेगी जो खाड़ी देशों के साथ व्यापार करते हैं।

किन सामानों की मांग सबसे ज़्यादा रही और विशेषज्ञों ने क्या कहा?

Ministry of Commerce and Industry ने बताया कि मार्च 2026 में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और इंजीनियरिंग सामानों ने निर्यात को सबसे ज़्यादा बढ़ावा दिया। इनके अलावा अभ्रक (Mica), कोयला, खनिज, अनाज और हस्तशिल्प जैसी चीज़ों की भी विदेशों में काफी मांग रही।

NITI Aayog के Pravakar Sahoo ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद जुलाई-सितंबर तिमाही में निर्यात 8.5% बढ़ा। वहीं GTRI के अजय श्रीवास्तव के अनुसार, सेवाओं के निर्यात में 10% से ज़्यादा की बढ़त हुई है, जिसने कुल व्यापार को सहारा दिया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com