India Export Update: भारत सरकार ने RELIEF स्कीम में जोड़े मिस्र और जॉर्डन, निर्यातकों को मिलेगी बड़ी राहत
भारत सरकार ने निर्यातकों की मदद के लिए अपनी RELIEF स्कीम का दायरा बढ़ा दिया है। अब इस योजना में मिस्र (Egypt) और जॉर्डन (Jordan) को भी शामिल कर लिया गया है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से भारतीय व्यापारियों को जो मुश्किलें आ रही थीं, उन्हें दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
RELIEF स्कीम क्या है और इसे क्यों बढ़ाया गया
RELIEF स्कीम का पूरा नाम Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation है। सरकार ने इसे 19 मार्च 2026 को शुरू किया था। इसका मुख्य मकसद उन निर्यातकों की मदद करना है जिन्हें युद्ध और तनाव जैसी स्थितियों के कारण माल भेजने में दिक्कत आ रही है। पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से मालभाड़े (freight) और बीमा (insurance) के दाम अचानक बढ़ गए थे, जिससे छोटे व्यापारियों को नुकसान हो रहा था।
स्कीम के नियम और बजट की पूरी जानकारी
इस पूरी योजना के लिए सरकार ने 497 करोड़ रुपये का बजट रखा है। DGFT ने 17 अप्रैल 2026 को इस बदलाव का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। अब मिस्र और जॉर्डन जाने वाले शिपमेंट को भी इस स्कीम का लाभ मिलेगा ताकि व्यापार चलता रहे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल बजट | ₹497 करोड़ |
| शामिल नए देश | मिस्र और जॉर्डन |
| मुख्य एजेंसी | ECGC Limited |
| नोटिफिकेशन तारीख | 17 अप्रैल 2026 |
| लक्ष्य समूह | भारतीय निर्यातक और MSMEs |
किसे मिलेगा इस योजना का फायदा
यह योजना मुख्य रूप से उन MSMEs और व्यापारियों के लिए है जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना सामान बेचते हैं। जिन लोगों ने 16 मार्च 2026 या उसके बाद ECGC की नई पॉलिसी ली है, उन्हें इस स्कीम के दूसरे हिस्से (Component II) का लाभ मिलेगा। इससे उन्हें बीमा के बढ़ते खर्चों से राहत मिलेगी और अनिश्चित माहौल में भी व्यापार करना आसान होगा।