इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और तनाव के कारण दुनियाभर में ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। भारत अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए अब फिर से रूस की ओर रुख कर रहा है। नई दिल्ली और मॉस्को के बीच तरल प्राकृतिक गैस (LNG) की सप्लाई को दोबारा शुरू करने पर मौखिक सहमति बन गई है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की वजह से सप्लाई चैन पर गहरा असर पड़ा है, जिसके बाद भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता सूची में शामिल कर लिया है।

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भारत और रूस के बीच क्या बातचीत हुई है?

भारत के पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri और रूस के उप ऊर्जा मंत्री Pavel Sorokin के बीच 19 मार्च 2026 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद अब भारत ने अपनी घरेलू कंपनियों को रूसी गैस की खरीदारी फिर से शुरू करने की तैयारी के निर्देश दिए हैं।

  • भारत और रूस के बीच यूक्रेन संकट के बाद से सीधा गैस व्यापार काफी हद तक प्रभावित था।
  • भारत ने अमेरिकी प्रशासन से रूसी गैस खरीदने के लिए प्रतिबंधों में छूट देने का अनुरोध किया है।
  • Strait of Hormuz में तनाव की वजह से खाड़ी देशों से आने वाली सप्लाई में काफी रुकावटें आ रही हैं।
  • रूस से सस्ती गैस मिलने पर भारत में ऊर्जा की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार के नए आदेश क्या हैं?

भारत सरकार ने देश में ईंधन की कमी को रोकने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 20 मार्च 2026 को विशेष आदेश जारी कर ऊर्जा सप्लाई को नेशनल सिक्योरिटी का हिस्सा माना है।

महत्वपूर्ण तारीख सरकारी फैसले और घटनाएं
9 मार्च 2026 जरूरी चीजों के तहत प्राकृतिक गैस सप्लाई की प्राथमिकता तय करने का आदेश आया।
20 मार्च 2026 ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया।
27 मार्च 2026 इजरायल ने तेहरान में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हमला किया।
27 मार्च 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले हमलों को 10 दिन के लिए टालने का ऐलान किया।

युद्ध का भारत और आम जनता पर क्या असर हो रहा है?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है, लेकिन युद्ध की स्थिति ने सप्लाई को असुरक्षित बना दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा है कि दिल्ली कई देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि ऊर्जा की कमी न हो। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल 6 अप्रैल 2026 तक के लिए हमलों को टाला है क्योंकि शांति वार्ता जारी है। भारत के इस कदम से आम उपभोक्ताओं को आने वाले समय में राहत मिल सकती है।