रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov भारत आए और उन्होंने विदेश मंत्री S. Jaishankar और प्रधानमंत्री Narendra Modi से खास मुलाकात की। दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा और रक्षा जैसे जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह मुलाकात BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई और इसका मकसद भारत और रूस की दोस्ती को और मजबूत करना था।
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भारत और रूस के बीच व्यापार और आर्थिक लक्ष्यों में क्या खास है?
दोनों देशों ने आर्थिक रिश्तों को और बेहतर बनाने पर बात की ताकि बाहरी दबाव का उन पर असर न पड़े। इस चर्चा के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- व्यापार लक्ष्य: दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य की समीक्षा की।
- मुख्य क्षेत्र: बातचीत में ऊर्जा, कनेक्टिविटी, विज्ञान, तकनीक और खाद (fertilizer) के सहयोग पर जोर दिया गया।
- टैलेंट मोबिलिटी: हुनरमंद लोगों और प्रोफेशनल्स के एक देश से दूसरे देश आने-जाने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा हुई।
रक्षा और स्पेस सेक्टर में क्या नए बदलाव आएंगे?
भारत और रूस ने सुरक्षा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में मिलकर काम करने का फैसला किया है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में बड़ी गतिविधियां दिख सकती हैं:
- हथियारों का उत्पादन: अब दोनों देश मिलकर हथियारों का निर्माण करेंगे।
- अंतरिक्ष सहयोग: स्पेस सेक्टर में आपसी तालमेल को और तेज किया जाएगा।
- रक्षा निर्माण: डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग बढ़ाया जाएगा ताकि दोनों देश आत्मनिर्भर बन सकें।
दुनिया के झगड़ों और शांति पर क्या चर्चा हुई?
बैठक के दौरान यूक्रेन और पश्चिम एशिया (Middle East) के हालात पर भी बात हुई। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि किसी भी विवाद को बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए ही शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। वहीं, Sergey Lavrov ने सुझाव दिया कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साख बहुत अच्छी है, इसलिए वह ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और रूस ने व्यापार के लिए क्या लक्ष्य रखा है?
भारत और रूस ने साल 2030 तक अपने आपसी द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य रखा है।
Sergey Lavrov ने भारत को लेकर क्या सुझाव दिया?
रूस के विदेश मंत्री ने सुझाव दिया कि भारत के पास बड़ा डिप्लोमैटिक अनुभव है, इसलिए वह ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है।
