पश्चिम एशिया में व्यापारिक जहाजों पर हालिया हमलों के बाद भारत सरकार ने अपने नाविकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal ने 14 जुलाई 2026 को Seafarer-First रिस्पांस लॉन्च किया है। यह कदम Strait of Hormuz में MT Al Bahiyah और MT Mombasa जहाजों पर हुए हमलों के बाद उठाया गया है, जिनमें 30 भारतीय नाविक सवार थे। इन हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं।
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भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था
सरकार ने अब प्रभावित क्षेत्र में काम करने वाले हर भारतीय नाविक की निगरानी के लिए एक नई प्रणाली शुरू की है। Directorate General of Shipping (DGS) एक लाइव डैशबोर्ड तैयार करेगा जिससे जहाजों की लोकेशन और चालक दल की जानकारी पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी जहाज को तब तक प्रभावित क्षेत्रों से नहीं गुजरने दिया जाएगा जब तक वहां सुरक्षा का पूरा आकलन नहीं कर लिया जाता। सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए विशेष संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति भी की है और 24×7 शिकायत निवारण केंद्र चालू कर दिया है।
ईरान के खिलाफ विरोध और कूटनीतिक दबाव
Ministry of External Affairs (MEA) ने इस हमले को लेकर 14 जुलाई 2026 को ईरान दूतावास के उप-प्रमुख को तलब किया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों के पीछे ईरानी क्रूज मिसाइलों का हाथ होने की बात कही है। भारत सरकार ने जहाज मालिकों और भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी भारतीय नाविक बिना सुरक्षा और पूरी जानकारी के इन इलाकों में काम करने के लिए मजबूर न हो। भारत इस पूरे मामले को लेकर International Maritime Organization (IMO) के संपर्क में भी बना हुआ है।
