India Seafood Exports: भारत ने रचा इतिहास, सीफूड एक्सपोर्ट 72 हजार करोड़ के पार, फ्रोजन श्रिम्प ने किया कमाल

भारत के सीफूड एक्सपोर्ट ने इस साल एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। साल 2025-26 में भारत ने कुल 72,325.82 करोड़ रुपये (8.28 बिलियन डॉलर) का समुद्री खाना विदेशों में बेचा। इसमें सबसे बड़ा हाथ फ्रोजन श्रिम्प (Frozen Shrimp) का रहा, जिसने कुल कमाई के दो-तिहाई से ज़्यादा हिस्से में योगदान दिया।

किन देशों में बढ़ी मांग और कहां हुई कमी?

Marine Products Export Development Authority (MPEDA) के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका अब भी भारत के सीफूड का सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन वहां मांग में कमी आई है। अमेरिका में टैरिफ नियमों की वजह से एक्सपोर्ट घटा, लेकिन भारत ने चीन और यूरोप जैसे बाज़ारों में अपनी पकड़ मज़बूत कर ली। अलग-अलग बाज़ारों का हाल नीचे टेबल में दिया गया है:

देश/बाज़ार वैल्यू में बदलाव वॉल्यूम में बदलाव
चीन 22.7% बढ़त 20.1% बढ़त
यूरोपीय संघ (EU) 37.9% बढ़त 35.2% बढ़त
दक्षिण पूर्व एशिया 36% से ज़्यादा बढ़त 28.2% बढ़त
जापान 6.55% बढ़त
अमेरिका (USA) 14.5% गिरावट 19.8% गिरावट
पश्चिम एशिया 0.55% गिरावट

सरकार का अगला लक्ष्य और अधिकारियों का क्या कहना है?

मछली पालन और डेयरी राज्य मंत्री SP Singh Baghel ने बताया कि सरकार अब नए ग्लोबल मार्केट तलाश रही है ताकि अमेरिका जैसे देशों पर निर्भरता कम हो। उन्होंने कहा कि हाल के समय में एक्सपोर्ट में 25% की बढ़त देखी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 सालों में सीफूड एक्सपोर्ट को 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाया जाए।

Garware Technical Fibres के CEO शुजौल रहमान ने कहा कि यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया के बाज़ारों में भारत की पहुँच बढ़ना एक बड़ा बदलाव है। इससे भारतीय समुद्री उत्पादों की डिमांड दुनिया भर में बढ़ रही है।

कौन से प्रोडक्ट्स हिट रहे और कहां से हुआ एक्सपोर्ट?

फ्रोजन श्रिम्प के अलावा फ्रोजन फिश, स्क्विड, कटलफिश और सूखे समुद्री उत्पादों की मांग में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। सुरीमी, फिशमील और फिश ऑयल के एक्सपोर्ट में भी सुधार हुआ, जबकि चिल्ड प्रोडक्ट्स की मांग थोड़ी कम रही।

एक्सपोर्ट के लिए मुख्य रूप से विशाखापट्टनम, JNPT, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई पोर्ट का इस्तेमाल हुआ। इन पांच बड़े पोर्ट्स ने कुल एक्सपोर्ट वैल्यू का करीब 64% हिस्सा संभाला।