भारत सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे अफगानिस्तान के लिए मानवीय सहायता भेजी है। बाढ़ और भूकंप के कारण हुए भारी नुकसान को देखते हुए भारत ने राहत सामग्री का नया जत्था रवाना किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर इस मदद की पुष्टि करते हुए बताया कि भारत इस कठिन समय में अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है। पिछले कुछ दिनों में वहां मूसलाधार बारिश और भूकंप की वजह से काफी लोगों की जान गई है और भारी नुकसान हुआ है।

📰: UAE राष्ट्रपति और इटली की प्रधानमंत्री की मुलाकात, ईरान के हमलों और समुद्री सुरक्षा पर हुई गंभीर बात.

राहत सामग्री में क्या-क्या सामान शामिल है?

भारत की ओर से भेजी गई इस मानवीय सहायता में रोजमर्रा की जरूरतों और सुरक्षा से जुड़ा सामान शामिल है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत अफगानिस्तान में लोगों के कल्याण और क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। सहायता सामग्री में निम्नलिखित मुख्य चीजें भेजी गई हैं:

  • खाना बनाने के लिए जरूरी किचन सेट्स
  • साफ-सफाई के लिए हाइजीन किट्स
  • अस्थायी आवास के लिए प्लास्टिक शीट्स और तिरपाल
  • सर्दी से बचने के लिए स्लीपिंग बैग्स
  • अफगान मरीजों के लिए मेडिकल वीजा और मुफ्त इलाज की सुविधा

अफगानिस्तान में आपदा से हुई तबाही का विवरण

अफगानिस्तान में पिछले कुछ दिनों में कुदरत का कहर देखने को मिला है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश और भूकंप के कारण दर्जनों लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। तबाही के कुछ प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

समय सीमा मृतकों की संख्या घायलों की संख्या
पिछले 2 दिन (6 अप्रैल तक) 35 52
पिछले 10 दिन 77 137
4 अप्रैल का भूकंप (5.8 तीव्रता) 12 से अधिक

भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी दिसंबर 2025 में हुई बैठक के दौरान स्पष्ट किया था कि भारत अफगानिस्तान के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सहायता देने के लिए तैयार है। अफगानिस्तान के स्थानीय लोग भी लगातार अंतरराष्ट्रीय मदद और बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सके।