भारत ने ईरान को दवाइयों की दूसरी बड़ी खेप भेजी है। खास बात यह है कि इस मदद के लिए भारत के आम लोगों ने अपनी तरफ से चंदा दिया और दवाइयां खरीदी गईं। ईरान के राजदूत ने इस नेक काम के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया है।

दवाइयों की मदद कैसे पहुंची ईरान?

नई दिल्ली में मौजूद ईरान के दूतावास ने इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाया। 11 अप्रैल 2026 को दवाइयों का यह दूसरा जत्था ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी को भेज दिया गया। इसमें उन दवाइयों को शामिल किया गया जिन्हें भारतीयों के स्वेच्छा से दिए गए योगदान से खरीदा गया था।

ईरानी राजदूत ने क्या कहा?

ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने भारत के लोगों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भारत के लोग एक भरोसेमंद और दयालु साथी बनकर सामने आए। उन्होंने भारत सरकार का भी धन्यवाद किया जिन्होंने इस मदद के लिए जरूरी इंतजाम किए और इसे संभव बनाया।

मदद से जुड़ी मुख्य जानकारी

  • भेजने की तारीख: 11 अप्रैल 2026
  • प्राप्त करने वाली संस्था: रेड क्रिसेंट सोसाइटी, ईरान
  • फंड का स्रोत: भारत के लोगों का स्वैच्छिक योगदान
  • सहयोग करने वाले: ईरान दूतावास और भारत सरकार