पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत ने अपनी स्थिति मज़बूत रखी है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने बताया कि हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से सबसे ज़्यादा भारतीय जहाज़ गुज़रे हैं। उन्होंने साफ़ किया कि भारत अमेरिका और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध बनाकर संतुलन बनाए हुए है ताकि देश के हितों को कोई नुकसान न हो।

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हॉर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों की क्या स्थिति है?

रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत के पास सबसे अधिक जहाज़ हैं जिन्होंने इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल किया है। Indian Navy तेल टैंकरों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए उन्हें एस्कॉर्ट कर रही है। मार्च के आखिर में BW TYR और BW ELM जैसे LPG टैंकर भी सुरक्षित गुज़रे। सरकार और शिपिंग कंपनियां मिलकर जहाजों की सुरक्षा पर नज़र रख रही हैं।

ऊर्जा संकट और सुरक्षा के लिए भारत ने क्या तैयारी की है?

पश्चिम एशिया के संकट से दुनिया के कई देशों में LPG की कमी हुई, लेकिन भारत ने इसे अच्छे से संभाला। World Bank ने भी भारत की क्षमता पर भरोसा जताया है। भारत ने खाड़ी देशों और यूरोप में कूटनीतिक प्रयास तेज़ किए हैं। हाल ही में 22 भारतीय जहाजों और उनमें सवार 611 भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए ईरान से संपर्क किया गया था और सभी सुरक्षित हैं।

आगे की स्थिति और भारत का रुख क्या रहेगा?

Rajnath Singh के मुताबिक, यह संकट अभी खत्म होने वाला नहीं है और भारत पूरी तरह सतर्क है। भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर होने की दिशा में काम कर रहा है ताकि किसी भी बाहरी दबाव का सामना किया जा सके। भारत का लक्ष्य अपनी ऊर्जा सुरक्षा को बचाए रखना और अपने नाविकों की जान की रक्षा करना है।