संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि Harish Parvathaneni ने साफ कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर सिंधु जल संधि (IWT) की उम्मीद करना गलत है। भारत ने जोर देकर कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह खत्म नहीं करता, तब तक किसी भी तरह का सहयोग मुमकिन नहीं है।

आतंकवाद और पानी का समझौता साथ नहीं

भारत ने स्पष्ट किया कि अप्रैल 2026 में पहलगाम, जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद से यह संधि प्रभावित हुई है। इस हमले में 24 लोगों की जान गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने रुख को दोहराते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। भारत ने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, तो भारत के पास संधि को खत्म करने का पूरा कानूनी अधिकार है।

भारत का हिस्सा है जम्मू-कश्मीर

UNSC में पाकिस्तान द्वारा बार-बार जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई। भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। इसके अलावा, पाकिस्तान द्वारा लगाए गए पानी की कमी के आरोपों को भी भारत ने सिरे से खारिज किया। भारत के अनुसार, पाकिस्तान की खुद की खराब प्रबंधन व्यवस्था, पानी का रिसाव और भंडारण की कमी इसकी असल वजह है, न कि भारतीय परियोजनाएं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.